ग्रेटर नोएडा 20 जून। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सख्त रुख सामने आया है। बकाया न चुकाने वाले 14 बिल्डरों पर कार्रवाई शुरू की गई है। कुल मिलाकर लगभग 315 करोड़ रुपये वसूलने के लिए वसूली प्रमाणपत्र (RC) जारी किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 9269 फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। वे पिछले 10 वर्षों से अपनी संपत्ति का मालिकाना हक पाने का इंतजार कर रहे हैं। बकाया न चुकाने पर बिल्डरों की संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है। अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई है।
दरअसल, अधूरी पड़ी पुरानी परियोजनाओं में फंसे फ्लैट खरीदारों और बिल्डरों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन के निर्देश पर फरवरी 2024 में अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू की गई थीं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में इन सिफारिशों के अंतर्गत 98 बिल्डरों की परियोजनाएं आती हैं। इन परियोजनाओं में 60 हजार से अधिक खरीदार फंसे हुए थे। समिति की सिफारिशों के अनुसार परियोजनाओं में कार्रवाई शुरू हुई।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बकाया राशि का 25 फीसदी जमा करने पर रजिस्ट्रेशन की मंजूरी देनी शुरू की है। अब तक 84 बिल्डरों की परियोजनाओं ने कुल 1592.7 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई बार नोटिस और अतिरिक्त समय देने के बावजूद 14 बिल्डर अमिताभ कांत समिति के लाभ लेने के लिए आगे नहीं आए। उन्होंने बकाया राशि नहीं चुकाया।
वसूली से खरीदारों को राहत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि बकाया वसूलने से परियोजनाओं की गति तेज होगी और खरीदारों को राहत मिलेगी। फंसी परियोजनाओं के निपटारे के लिए गठित समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद कई बिल्डरों ने देनदारी चुकाई है। अब तक लगभग 1592.7 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जिससे हजारों फ्लैटों की रजिस्ट्री संभव हो पाई है। 4 प्रमोटरों ने न तो बकाया चुकाया, न ही कोई निर्माण कार्य फिर से शुरू किया है।
प्राधिकरण के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित खरीदार एसपीजे इन्फ्राकान के हैं, जहां 2406 आवंटित घरों के मालिक अब भी इंतजार कर रहे हैं। हेबे इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवास प्रमोटर्स, बीएस बिल्डटेक और जेकेजी कंस्ट्रक्शन की परियोजनाओं में भी बड़ी संख्या में खरीदार फंसे हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि बार-बार मौका देने के बाद भी भुगतान न होने पर वसूली तेज करने को आरसी का प्रस्ताव भेजा गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कड़ाई बरतते हुए एसजेपी इंफ्राकॉन, एसडीएस इंफ्राटेक, इंटेलेक्ट प्रोमोटर्स, निवास प्रोमोटर्स, बीएस बुल्डटेक, न्यूटेक ला पालासिया, अर्थकॉन कंस्ट्रक्शन, विहान डेवलपर्स, राजहंस इंफाटेक, आईडियल रियल्टी सॉल्यूशन, टाउन पार्क बुल्डकॉन और धन्या प्रोमोटर्स के खिलाफ बकाया वसूलने के लिए आरसी जारी की है। इन बिल्डरों पर कुल मिलाकर लगभग 315 करोड़ रुपये बकाया हैं।

