नई दिल्ली 15 जनवरी। आजकल किसी भी डिजिटल असिस्टेंट का काम सिर्फ अपने यूज़र्स के सवालों का जवाब देना ही नहीं रह गया है, बल्कि अब वो अपनी यूज़र्स को समझता भी है. आजकल एक अच्छा डिजिटल असिस्टेंट वही है, जो अपनी यूज़र्स को ज्यादा अच्छी तरीके से जानता है. इसी सोच के साथ गूगल ने जेमिनी में एक नया फीचर पेश किया है, जिसका नाम Personal Intelligence with Connected Apps है. यह फीचर फिलहाल अमेरिका में बीटा वर्ज़न के तौर पर लॉन्च किया गया है और इसका मकसद जेमिनी को यूज़र्स के लिए ज्यादा पर्सनल, स्मार्ट और यूज़फुल बनाना है.
इस नए फीचर के जरिए यूज़र जेमिनी को अपने कुछ गूगल ऐप्स से कनेक्ट कर सकते हैं, जैसे Gmail, Google Photos, YouTube और Search आदि. इसमें अच्छी बात यह है कि इसका पूरा कंट्रोल यूज़र के हाथ में रहता है. कौनसा ऐप जोड़ना है, कौन-सा नहीं, यह यूज़र्स खुद तय कर सकते हैं. एक टैप में कनेक्शन हो जाता है और जरूरत पड़ने पर यूज़र्स इसे कभी भी बंद कर सकते हैं.
जेमिनी का पर्सनल इंटेलीजेंस
पर्सनल इंटेलीजेंस की सबसे बड़ी ताकत अलग-अलग सोर्स से जानकारी को समझदारी से जोड़ना है. मान लीजिए आपको किसी पुराने ईमेल से कोई डिटेल चाहिए या फोटोज़ में सेव किसी पिक्चर की जानकारी निकालनी बै तो जेमिनी यह काम कुछ ही सेकंड्स में कर सकता है. कई बार टेक्स्ट, फोटो या वीडियो तीनों को मिलाकर ऐसा जवाब देता है, जो बिल्कुल आपकी जरूरत के हिसाब से होता है.
गूगल के मुताबिक, यह फीचर डेली लाइफ को काफी आसान बना सकता है. जैसे किसी ट्रिप की प्लानिंग करना, परिवार की पसंद को समझकर सुझाव देना या फिर अचानक किसी जरूरी जानकारी की जरूरत पड़ने पर उसे ढूंढकर निकालना. जेमिनी यह भी बताने की कोशिश करता है कि उसने जानकारी कहां से ली है, ताकि यूज़र्स खुद उसे चेक कर सके.
प्राइवेसी को लेकर गूगल ने साफ कहा है कि पर्सनल इंटेलीजेंस पूरी तरह ऑप्शनल है और डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है. Gemini सीधे आपके Gmail या Photos के डेटा से ट्रेनिंग नहीं करता. इन ऐप्स की जानकारी सिर्फ आपके सवाल का जवाब देने के लिए इस्तेमाल होती है. मॉडल की ट्रेनिंग में केवल लिमिटेड और फिल्टर किया हुआ डेटा लिया जाता है, ताकि पर्सनल जानकारी सुरक्षित रहे.
हालांकि, गूगल यह भी मानता है कि बीटा स्टेज में कुछ गलतियां हो सकती हैं. कभी-कभी जेमिनी ज्यादा पर्सनल कनेक्शन बना सकता है या किसी चीज को गलत समझ सकता है. ऐसे में यूज़र फीडबैक दे सकते हैं और जेमिनी को सही कर सकते हैं. फिलहाल, यह फीचर Google AI Pro और AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है. आने वाले समय में इसे और देशों और फ्री यूज़र्स के लिए भी उपलब्ध कराने की योजना है.

