बिजनौर/स्योहारा 04 जून। गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने गैंगस्टर अतीक अहमद की लगभग 168.13 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट जालौन के आदेश पर तहसील धामपुर क्षेत्र में की गई।
बिजनौर डीएम जसजीत कौर ने बताया कि तहसील एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने संपत्ति को सील कर एसडीएम धामपुर को रिसीवर / प्रशासक के रूप में सुपुर्द कर दिया। कार्रवाई के लिए एसपी जालौन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी। कुर्क की गई संपत्तियों में ग्राम याकूबपुर स्थित विभिन्न गाटा संख्याओं में दर्ज 5.951 हेक्टेयर भूमि तथा उस पर निर्मित ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस भवन शामिल है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार अतीक अहमद के विरुद्ध जालौन और बिजनौर में गैंगस्टर अधिनियम समेत पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
जांच में सामने आया कि संगठित गिरोह द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से इन संपत्तियों का क्रय और निर्माण किया गया। फोरेंसिक जांच में भी मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पुष्टि होने की बात कही गई। डीएम जसजीत कौर ने कहा कि सहसपुर में एक ओमार इंटरनेशनल स्टालर हाउस संचालित था। इसके डायरेक्टर अतीक अहमद पर जनपद जालौन गौकशी का मुकदमा दर्ज किया गया था। कुर्क की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पहले कराई मुनादी, फिर की गई कुर्की की कार्रवाई
स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर स्थित गैंगस्टर के स्लाटर हाउस तथा 168 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्यवाही एसडीएम के नेतृत्व की गई। टीम ने मुनादी कराई। बुधवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जालौन पुलिस आवश्यक कागजी कार्रवाई अन्य प्रक्रियाओं के चलते देर शाम तक कार्रवाई पूरी नहीं कर सकी थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जालौन पुलिस टीम पुन सहसपुर पहुंची। टीम के साथ तहसील प्रशासन की ओर से एसडीएम स्मृति मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा स्लाटर हाउस के अलावा आस-पास स्थित 10 से अधिक गाटा संख्याओं की भूमि को भी कुर्की की कार्रवाई में शामिल किया गया। प्रशासन ने संबंधित संपत्तियों पर कुर्की संबंधी फ्लेक्स और बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। न्यायालय द्वारा नियुक्त रिसीवर एसडीएम धामपुर स्मृति मिश्रा की मौजूदगी में संपत्तियों की सीलिंग एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई। कुर्की की कार्रवाई के दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। इस मौके सीओ अभय कुमार पांडेय, नायब तहसीलदार विजय कुमार, चौकी इंचार्ज यशदेव शर्मा, लेखपाल अनिल कुमार, नरेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
आठ साल बाद 20 जनवरी को खुली थी मीट प्लांट की सील
वर्ष 2023 में थाना एट, जालौन में अतीक अहमद समेत पांच लोगों के खिलाफ गो तस्करी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू हुई। वहीं वर्ष 2018 में सील किए गए उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट की सील गत 20 जनवरी को उच्च न्यायालय के आदेश पर खोली गई थी। अब गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई इस बड़ी कुर्की कार्रवाई के बाद मीट प्लांट एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

