मेरठ, 11 जुलाई (प्र)। सिवाया टोल पर धरना-प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का छह सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल गत शाम डीएम-एसएसपी से मिला। उन्होंने कहा कि छात्रा के परिवार को खतरा है। उनके परिवार की सुरक्षा की जाए और पुर्नवास कराया जाए। इसके बाद छात्रा के घर पर दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। सेवानिवृत्त एडीजी प्रेमप्रकाश और आसपा राष्ट्रीय महासचिव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के सामने अन्य मांगे भी रखीं। रविंद्र भाटी ने कहा सिवाया टोल पर अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने छह सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल गठित किया। जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय से कहा कि हत्या की निष्पक्ष जांच हो। छात्रा व आरोपियों के मोबाइल की गहनता से जांच की जाए।
परिवार के लोगों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फिर से गहनता से जांच की जाए। अगर सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो धारा बढ़ाई जाए। किसी निर्दाेष को जेल न भेजा जाए लेकिन जिनके भी नाम सामने आएं, उनके खिलाफ आज आ सकते सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा हैं संजय सिंह कि छात्रा के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को राहत दिलाई जाए।
जाम व बवाल में जेल भेजे गए लोगों की रिहाई की मांग
प्रतिनिधि मंडल ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन के दौरान बवाले करने व पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों की रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उन पर लगाई गई जानलेवा हमले और क्रिमनल एक्ट की धारा भी हटाई जाए। रविंद्र भाटी का कहना है कि इस पर एसएसपी ने कहा कि कुछ लोगों पर आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने लोगों को उकसाया है। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अन्य लोगों को राहत दी जाए। प्रतिनिधि मंडल में बाबर चौहान, प्रताप सिंह, निजाम चौधरी और विपिन वाल्मीकि भी मौजूद रहे।
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