मेरठ 01 अगस्त (प्र)। आपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वजन ने शुक्रवार को रीटा नर्सिंग होम में हंगामा कर दिया। बाद में लोगों ने दून हाईवे पर रोहटा फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया।
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में रोहटा फ्लाईओवर के पास रीटा निजी नर्सिंग होम में जवाहर नगर निवासी चंद्रवती पत्नी राम सिंह को भर्ती कराया गया था। चंद्रवती की पित्त की थैली में पथरी थी। चंद्रवती की रिश्तेदार शालू बताया दवाओं समेत 18 हजार रुपये में दूरबीन से आपरेशन करना तय हुआ था। जांच रिपोर्ट में पता चला कि पित की थैली आंतों से चिपकी थी। इस पर चिकित्सक ने दूरबीन के बजाय चीरा लगाकर आपरेशन करने को कहा। चिकित्सक ने आपरेशन कर टांके लगा दिए। 16 जुलाई को मरीज को छुट्टी दे दी गई। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद टांकों में संक्रमण हो गया। नर्सिंग होम में पट्टी कराई। आराम नहीं मिलने पर स्वजन मरीज को रोहटा रोड पर दर्शन हास्पिटल ले गए। वहां भी हालत नहीं सुधरने पर चिकित्सकों की सलाह पर गत गुरुवार को स्वजन चंद्रवती को लेकर रीटा नर्सिंग होम पहुंचे।
नर्सिंग होम के संचालक डा. अनुज पाराशर का आरोप है कि स्वजन अपने मरीज को छोड़कर चले गए थे। फिर वे शुक्रवार सुबह नर्सिंग पहुंचे जबकि स्वजन का कहना है कि वे रातभर मरीज के पास रहे। दोपहर को स्वजन और पड़ोसियों ने रीटा नर्सिंग होम के चिकित्सक पर गलत आपरेशन करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। रोहटा फ्लाईओवर के नीचे पहुंचकर जाम लगा दिया।
एसएसआइ रामप्रकाश शर्मा पुलिस के साथ पहुंचे। नर्सिंग होम में एक घंटे तक चिकित्सक और स्वजन में नोकझोंक होती रही। रिश्तेदार शालू का आरोप है कि बिना जांच के आपरेशन करने से उसकी हालत बिगड़ी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में सहमति बनी कि अब मरीज का उपचार अब इंव्ज नर्सिंग होम में होगा। इसके बाद मरीज को एंबुलेंस से इंव्ज नर्सिंग होम भेजा गया।
रीटा नर्सिंग होम चेयरमैन डा. अनुज पाराशर का कहना है कि रात में स्वजन मरीज को छोड़कर चले गए थे। शुक्रवार दोपहर हंगामा करने वे भीड़ के साथ नर्सिंग पहुंचे, जबकि रात से दोपहर तक मरीज का हमने उपचार किया। सभी जांच के बाद स्वजन की सहमति पर आपरेशन किया गया। मरीज को दूसरे नर्सिंग होम मे रेफर किया है। आपरेशन और उपचार में लापरवाही के आरोप गलत हैं।

