मेरठ, 18 जुलाई (प्र)। विकास भवन सभागार में गत दिवस आयोजित जिला विद्युत समिति की बैठक में बिजली की बदहाल व्यवस्था को लेकर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने सांसद अरुण गोविल के सामने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में बिजली बाधित रहने से हाहाकार मचा है। ऊर्जा निगम के एक्सईएन, जेई जनप्रतिनिधियों का भी फोन नहीं उठाते तो जनता के सहयोग की उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है। आमजन के साथ अधिकारियों का बर्ताव भी अच्छा नहीं है।
सांसद की अध्यक्षता में हुई बैठक में महापौर ने कहा कि एक दिन गंगानगर समेत कई कालोनियों में बिजली नहीं थी। लोगों ने उन्हें फोन किया तो उन्होंने जेई और एक्सईएन को फोन मिलाया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। ऊर्जा निगम के एमडी को फोन किया। इसके बाद अधिकारियों के फोन आने लगे। सांसद ने बैठक में मौजूद ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में जहां भी बिजली आपूर्ति बाधित है, तत्काल दुरुस्त कराएं। क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने, जर्जर विद्युत लाइन बदलवाने, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटना में घायल हुए या मृत लोगों के परिवार वालों को मुआवजा दिलाने, विद्युत दुर्घटनाएं रोकने को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। सांसद ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस व एएसआइएसपी की समीक्षा की। निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाए। मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक ने भी मुजफ्फरनगर के ऊर्जा निगम अधिकारियों द्वारा जनता के फोन नहीं उठाने की शिकायत की। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में कमी नहीं आनी चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद, सरधना विधायक अतुल प्रधान, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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