Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन
    • पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार
    • अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है
    • UP के 75 जिलों में एक साथ बजेगा Black Out सायरन, बंद करनी होंगी घर-दफ्तर की सारी लाइटें
    • भाजपा दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही: अखिलेश
    • बहन की शादी, किस्तें भरने को 15 लाख में चावल बेचा, दो भाई गिरफ्तार
    • 1000 करोड की हेराफेरी में मदद करने के आरोप में पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक समेत 18 पर केस दर्ज
    • एसडीएम के सरकारी आवास पर कोई बांध गया जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता, मालिक की तलाश शुरू
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान : राष्ट्रपति
    देश

    गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान : राष्ट्रपति

    adminBy adminNovember 26, 2025No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 26 नवंबर। पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आज संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था।

    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भी कर्तव्य का निर्वाहन किया। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर हमारे संविधान के प्रमुख निर्माता में से थे। बाबा साहब के 125 वीं जयंती के वर्ष में यानी 26 नवंबर 2015 में प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान राष्ट्र की पहचान की आधारशिला है और गुलामी की मानसिकता को त्यागने तथा राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज भी है।

    इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने तीन तलाक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), अनुच्छेद 370 समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तीन तलाक से जुड़ी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाकर संसद ने हमारी बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए।

    उन्होंने कहा कि जीसएटी के रूप में आजादी के बाद सबसे बड़ा कर सुधार देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने से एक ऐसी बाधा हटी, जो देश के समग्र राजनीतिक एकीकरण में बाधा बन रही थी। राष्ट्रपति ने कहा, श्नारी शक्ति बंधन अधिनियम महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस वर्ष 7 नवंबर से हमारे राष्ट्रगान, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।्य ्रकार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमिटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गहरी सोच दी। उनके बिना किसी स्वार्थ के योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है।

    राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में, बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे दुनिया को लोकतंत्र में हमारी आस्था का एहसास हुआ। हाल ही में हुए बिहार चुनावों में, विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने, हमारी मां भारती के लोकतंत्र के मुकुट में एक और अनमोल हीरा जड़ दिया है। संविधान सभा की महिला सदस्यों की ओर से दिया गया योगदान अतुलनीय था।
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अगर संविधान का अक्षरशरू पालन किया जाए तो भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाएगा।

    constitution-day-2025 delhi president-droupadi-murmu tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन

    January 17, 2026

    पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार

    January 17, 2026

    अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है

    January 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.