पंचकूला, 19 जून (ता)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह (आरके सिंह) को नगर निगम पंचकूला के सरकारी धन के गबन मामले में गिरफ्तार किया है। किसी आईएएस की पहली गिरफ्तारी है और सीबीआई के रडार पर और भी कई बड़े अफसर हैं। यह मामला सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में नगर निगम पंचकूला के खाते से सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि नगर निगम पंचकूला का बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खोला गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, खाते के उद्घाटन फॉर्म में जानबूझकर ऐसी जानकारियां दर्ज की गईं, जिनसे बाद में किए जाने वाले फर्जी वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके। जांच के दौरान यह भी पता चला कि तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के आरोपित अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बनाने के नाम पर कई हस्ताक्षरित चेक बिचौलियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों को सौंपे थे।
इन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से धनराशि निकाल ली गई, लेकिन कोई भी फिक्स्ड डिपॉजिट नहीं बनाया गया। निकाली गई राशि को बैंक अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई के अनुसार, इस पूरे घोटाले को नगर निगम पंचकूला के तत्कालीन आयुक्त और वरिष्ठ लेखाकार (सीनियर अकाउंटेंट) की जानकारी और सक्रिय भागीदारी से अंजाम दिया गया। वरिष्ठ लेखाकार को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में आरके सिंह की सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने चंडीगढ़ और करनाल स्थित उनके आवासों पर तलाशी भी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। पंचकूला नगर निगम में लगभग 79.46 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था, जो सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा बताया जा रहा है। जांच के अनुसार, हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के माध्यम से निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए। इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
इसके अलावा सीबीआई ने चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े दो अन्य मामलों चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल)/ नगर निगम चंडीगढ़ तथा क्रेस्ट की जांच भी अपने हाथ में ली है। इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
क्रेस्ट मामले में एक वरिष्ठ भारतीय वन सेवा अधिकारी (आईएफएस) की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन की गई राशि की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।
Trending
- तेल के सौदागरों से दोस्ती फिर भी हंगामा, पाकिस्तान में 15 अगस्त से बंद हो सकते हैं पेट्रोल पंप
- लिसाड़ीगेट में मकान की छत गिरने से महिला की मौत, बेटी और नातिन की हालत गंभीर; बारिश बनी कारण
- उत्तराखंड: प्रदेश में एक माह में मात्र एक फीसदी मदरसों ने ली मान्यता, प्राधिकरण को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
- चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी: कोलकाता से आ रहे इंडिगो विमान के इंजन में खराबी, बाल-बाल बचे 224 यात्री
- बिहार में 17 अगस्त से जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, डीड से स्टांप तक पूरा काम ऑनलाइन
- हिमाचल के सोलन में NH-205 पर भूस्खलन, कार पर गिरी चट्टान; एक की मौत और दो घायल
- 10-20 के प्लास्टिक नोट के ट्रायल को मंजूरी, जानिए कितने छपेंगे नए नोट
- होटल-रेस्तरां वालों के लिए नई एडवाइजरी, एक गलती और बंद हो जाएगी दुकान, जानिए नए निर्देश

