मुरादाबाद, 16 जून (ता)। डिडोरी गांव में तालाब में दर्ज भूमि पर बनाई गई अवैध मस्जिद, भोजपुर में चामुंडा मंदिर की भूमि पर बनी अवैध मजार ध्वस्तीकरण के बाद गत दिवस प्रशासन का फिर बुलडोजर चला। कांठ रोड पर अवैध रूप से बनी हजरत सुल्तान शाह की मजार के साथ बेलवाड़ा गांव में अवैध रूप से बनी मस्जिद को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
हजरत सुल्तान शाह की मजार सड़क किनारे सरकारी भूमि पर बनी थी। पक्का निर्माण भी कर लिया गया था। बिजली तक की व्यवस्था कर ली गई थी। इधर, बेलवाड़ा गांव में गाटा संख्या 195 रखवा 0.243 हेक्टेयर वर्तमान खतौनी में खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है। जिस पर अवैध रूप से तीन सौ वर्ग मीटर में मस्जिद का निर्माण करा लिया गया था। दोनों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई जिससे कोई खुराफात की कोशिश न कर सके।
दोनों मामलों में डीएम डॉ. राजेन्द्र पैंसिया से अवैध निर्माण की शिकायत हुई थी। इस पर डीएम ने राजस्व टीम को जांच सौंपी थी। जांच में शिकायतकर्ताओं की कहानी पर मुहर लगी। कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के सामने हजरत सैय्यद सुल्तान शाह की मजार बनी थी।
मजार का गत दिवस पुलिस-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था। जिससे अफरातफरी मच गई थी। इस बीच गत दिवस राजस्व की टीम पुलिस संग मौके पर बुलडोजर लेकर पहुंची। मजार की ओर की सड़क पर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। पुलिस फोर्स के चलते शांतिपूर्वक कार्रवाई निपट गई। इस दौरान वनवे होने के चलते जाम की स्थिति भी रही। कार्रवाई पर मुतवल्ली मुहम्मद इमरान ने कहा कि यह लगभग 100 वर्ष पुरानी मजार थी।
हजरत सुल्तान शाह मिस्र के रहने वाले थे। कहा जाता है कि कांठ रोड के अलावा हजरत सुल्तान शाह की अगवानपुर में कर्बला के पीछे, 23वीं वाहिनी पीएसी, पीरगैब में मुख्य मजार के साथ पान दरीबा समेत कुल चार मजारें और हैं।
इधर, बेलवाड़ा गांव में बनी मस्जिद की भी कांठ रोड की मजार जैसी ही कहानी निकली। अवैध निर्माण पाया गया जिसके बाद वहां भी राजस्व की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ऐसे मामलों में राजस्व विभाग को गंभीरता से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं जिसके क्रम में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
- डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, डीएम

