देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक और कर्म क्षेत्र वाराणसी में सावन मास माह के शुरू होने से पहले ही शहर की सभी मीट की दुकाने शहर की सीमा से बाहर हस्तानांतरित किये जाने के प्रयास शुरू हो गये हैं। यह समस्या पूरे देश में है क्योंकि धार्मिक त्यौहारों और नवरात्रों व शिवरात्री सहित अन्य ऐसे अवसरों पर महावीर जयंती आदि पर हमेशा मीट की दुकानें त्यौहारों के दौरान बंद करने की मांग की जाती रही हैं। सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री मजीठिया बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य अंकित बिश्नोई का मानना है कि इन त्यौहारों के मौकों पर उठने वाली इस मांग का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे आम धार्मिक जनता को भी परेशानी न हो और इस व्यापार में लगे व्यापारियों के समक्ष भी कोई कठिनाई उत्पन्न न हो इस हेतु पूरे देश में हिन्दुओं की आबादी के साथ-साथ मुख्य मार्गों और गली मोहल्लों से इस व्यवसाय को बाहर ले जाने के लिए जिस प्रकार से सब्जी और अनाज मंडिया बाहरी इलाकों में स्थापित की गयी है उसी तरह मीट के व्यापार के लिए शहर से बाहर किसी उचित स्थान पर एक मार्किट बनाकर जो मांस व्यापारी दुकानें खरीदना चाहें उसे बेची जाये और बाकी को किराये पर देकर धार्मिक लोगों की परेशानी और मांस व्यापारियों की कठिनाईयों को सरकार हल करें क्योंकि दशहरा महावीर जयंती कृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, परशुराम जयंती, हनुमान जयंती आदि के अवसरों पर शहर व गांव देहातों के मुख्य बाजारों से धार्मिक सवारियां निकलती है और इनमें भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रहती है इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द मीट की दुकानों बाहरी क्षेत्र में स्थापित की जायें और शहर में स्थित दुकानों को पूरी तरह बंद कराकर अन्य व्यापार करने के मौका दिया जाये जिससे मांस व्यापारियों की रेगुलर इनकम कम नहीं होगी और उन्हें मंडियों में भी जाकर कोई परेशानी न हो।

