सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा में टूट होगी। यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है क्योंकि आजकल ज्यादातर पार्टियों में टूट होने और दल बदलने का फैशन बन गया है। जब तक दल बदलने वालों पर रोक या उनकी सदस्यता समाप्त होने का नियम नहीं बनेगा तब तक ऐसा होता रहेगा। इसलिए ओपी राजभर का कथन गलत नहीं है। मगर उनके द्वारा सपा मुखिया अखिलेश यादव के बारे में जो कहा है वो आसानी से किसी बड़े स्तर पर सच होने वाला नहीं लगता। क्योंकि अगर सपा को टूटना होता तो अब तक सबकुछ हो चुका होता और जिन्हें जाना था वो चले गए। मीडिया में छप रहा है कि ओपी राजभर की पोस्ट ने मचाई खलबली, टूट होकर रहेगी और बागी बलिया का लाल नेतृत्व करेगा। इस पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि जिनसे एडवांस वसूला वो अब अफवाही मंत्री को ढूंढ रहे हैं। जो भी हो राजभर अपने दम पर चुनाव लड़े तो ज्यादा संभावनाएं उन्हें लेकर नहीं है लेकिन किसी दमदार पार्टी से मिलकर चुनाव लड़ते हैं और उनके वोटों के दम पर निर्वाचित हो जाते हैं और संतुलन बनाए रखने के लिए उन्हें मंत्री भी बना दिया जाता है। कुछ वर्ष पूर्व वो अकेले हो गए थे तब क्या स्थिति थी वो किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है। राजभर छोटे समूहों के लीडर तो हैं ही। लेकिन उनका अखिलेश यादव के बारे में इस प्रकार की घोषणा करना कोई दमदार नहीं लगता। अखिलेश यादव का यह कहना कि टिकट के दावेदारों के बाद अब ठेकेदार और अधिकारी ढूंढवाई पंचायत कर रहे हैँ जिनसे टिकट दिलाने के नाम पर एडवांस वसूला गया। अखिलेश यादव का कहना है कि अफवाही मंत्री को भावी प्रत्याशी ढूंढ रहे थे लेकिन अब यह चर्चा है कि ३० सीट मिलने की बात अब अफवाह साबित हो रही है। उन्हें एक भी सीट मिलती नहीं दिखाई दे रही है। सीट मिल भी जाए तो जीतेंगे नहीं। कल क्या होगा यह नहीं कहा जा सकता लेकिन यह भी नहीं है कि अखिलेश यादव और सपा का भविष्य अंधकार मय हो। यूपी में आज भी सपा ही मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रही है और आगे भी सहयोगियों के माध्यम से वो ऐसा करती नजर आएगी। राजभर का यह दावा भी मजबूत नजर नहीं आता जिसमें उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के परिवार के चार पांच लोग डिंपल यादव धर्मेद्र यादव शिवपाल को छोड़कर सभी विधायक सांसद सपा छोड़ने को तैयार बैठे हैं। राजभर जी आपकी बात हजम नहीं हो पा रही है वैसे हो कुछ भी सकता है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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