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    Home»देश»भारत का विकास अनुमान एडीबी ने बढ़ाया
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    भारत का विकास अनुमान एडीबी ने बढ़ाया

    adminBy adminApril 11, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली, 11 अप्रैल (जा)। विश्व बैंक के बाद एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाया है। एडीबी ने गत दिवस एक रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 6.9 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत रह सकती है। इसमें मजबूत घरेलू मांग, वित्तीय स्थितियों में सुधार और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ में कमी का प्रमुख योगदान रहेगा। एडीबी ने दिसंबर में जारी रिपोर्ट में 2026-27 के दौरान भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।
    इससे पहले बीते गुरूवार को विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। बैंक ने जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में 2026-27 के लिए विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। एडीबी ने एशियन डेवलपमेंट आउटलुक अप्रैल 2026 रिपोर्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में एक लंबा संघर्ष कई तरीकों से भारत के व्यापक आर्थिक प्रदर्शन को कमजोर कर सकता है। इसमें ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, व्यापार प्रवाह में रुकावटें और रेमिटेंस (विदेशों से आने वाले पैसे) के प्रवाह में कमी शामिल हैं। एडीबी ने अनुमान लगाया है कि महंगाई 2025-26 में 2.1 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी । यह खाद्य कीमतों में पहले की गिरावट से उबरने, वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि, मुद्रा की कमजोरी और कीमती धातुओं के मूल्य में वृद्धि के कारण होगा। हालांकि, वित्त वर्ष 2027-28 में महंगाई चार प्रतिशत तक कम हो जाएगी, जो तेल कीमतों में कमी और खाद्य कीमतों में स्थिरीकरण के कारण होगी।
    एडीबी का अनुमान है कि विकासशील एशिया और प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक वृद्धि 2026 और 2027 में 5.1 प्रतिशत तक धीमी हो जाएगी, जो पिछले वर्ष 5.4 प्रतिशत थी। पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा कीमतों में हालिया वृद्धि और उर्वरक बाजारों में संभावित बाधाएं वैश्विक खाद्य कीमतों पर महंगाई का दबाव डाल सकती हैं। इस वर्ष चीन की विकास दर 4.6 प्रतिशत और अगले वर्ष 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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