
मेरठ, 13 जून (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। कला रंग भारती के तत्वावधान में गत 9 जून को हुआ लहर नाट्य मंच की ओर से नौचंदी मेला के पटेल मंडप में चर्चित हिंदी मनोवैज्ञानिक सस्पेंस नाटक बर्फ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन अनुज शर्मा ने किया। नाटक की रचना प्रसिद्ध रंगकर्मी सौरभ शुक्ला ने की है। इसमें कश्मीर की पीड़ा और मानवीय संवेदना को प्रभावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। मुख्य अतिथि एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज रहे। अध्यक्षता कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने की। नाटक में कहानी गुलाम रसूल, उसकी पत्नी नफीसा और उनके चाइनीज गुड्डे जिगरा के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने गुड्डे को अपनी संतान के रूप में स्वीकार कर लिया है।
विज्ञान और तर्क में विश्वास रखने वाले डॉक्टर सिद्धांत कौल की गुलाम रसूल से मुलाकात के बाद घटनाक्रम मोड़ लेता है जो दर्शकों को भावनाओं और यथार्थ के गहरे द्वंद्व से रूबरू कराता है। नाटक का मुख्य संदेश रहा कि दर्द और संघर्ष के बीच भी प्रेम और विश्वास का एक धागा इंसान को उसकी जड़ों और जीवन से जोड़े रखता है। जिगरा केवल एक खिलौना नहीं बल्कि उन लाखों लोगों के सपनों और यादों का प्रतीक बनकर उभरता है जो अपने घरों और वतन से बिछड़ चुके हैं।
इस अवसर पर निर्देशक अनुज शर्मा ने कहा कि यह नाटक सत्य और यकीन के बीच की उस महीन रेखा को तलाशने का प्रयास है जिसे समाज अक्सर अनदेखा कर देता है। कश्मीर की राजनीति, आतंकवाद सहित अन्य पहलुओं को एक साथ मंच पर उतारना कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती के साथ उपलब्धि रही।
संगीत, प्रकाश और मंच संचालन के पीछे की टीम विकास राज, संजीव कर्दमवाल, क्षितिज तिवारी, शक्ति कुमार गर्ग की मेहनत भी आपके इस प्रोत्साहन से सार्थक हुई है।
नाटक बर्फ में आये अतिथियों का लहर परिवार ने आभार व्यक्त किया
यह नाटक बर्फ हमारे लिए सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भावनाओं, विश्वास और रंगमंच के प्रति आप सभी के अगाध प्रेम का उत्सव थी। नौचंदी मेले के ऐतिहासिक पटेल मंडप में कला रंग भारती के तत्वाधान में लहर नाट्य मंच मेरठ द्वारा प्रस्तुत और अनुज शर्मा द्वारा निर्देशित एवं सौरभ शुक्ला लिखित नाटक बर्फ़ की तीसरी प्रस्तुति को आप सभी ने जो मान, प्यार और संबल दिया है, उसके लिए पूरा लहर परिवार सभी का आभार दोहरा रहा है। आपका सदैव ऋणी रहेगा। हम तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं।
हमारे आदरणीय अतिथियों का कार्यक्रम का शुभारंभ करने वाले भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और कैंट विधायक अमित अग्रवाल, भाजपा नेता श्री आलोक सिसौदिया जी, कवि साहित्यकार लेखक सुधाकर आशावादी जी, मेला समिति सदस्य श्री ईश्वर चंद गम्भीर जी, श्री नासिर सैफ़ी जी, विशिष्ट अतिथि श्री सुरेंद्र जी व प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता जी आपकी गरिमामयी उपस्थिति ने हमारे कलाकारों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
मेरठ के अद्भुत दर्शकों का पटेल मंडप की दीर्घा में बैठकर बर्फ़श् की ठंडक और कश्मीर के दर्द को अपने दिलों में महसूस करने वाले एक-एक दर्शक का शुक्रिया। जब नाटक के अंत में आपकी तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी, तो हमारी महीनों की मेहनत सफल हो गई।
हमारे पत्रकार एवं मीडिया बंधुओं का नाटक की संवेदना को जन-जन तक पहुँचाने और आज सुबह के समाचार पत्रों में इसे इतनी ख़ूबसूरती व गहराई के साथ जगह देने के लिए सभी पत्रकार साथियों और संवाददाताओं का विशेष आभार। आपकी कलम रंगमंच को ज़िंदा रखने की बहुत बड़ी ताकत है।
यह नाटक हर उस इंसान की कहानी है जो अपनी जड़ों से प्यार करता है। गुलाम रसूल, डॉ. सिद्धांत कौल और नफ़ीसा के किरदारों को अपना प्यार देने के लिए शुक्रिया। मेरठ का यह प्यार हमें आगे और बेहतर काम करने की ऊर्जा देता रहेगा। रंगमंच से ऐसे ही जुड़े रहिए, क्योंकि आपके बिना मंच अधूरा है। एक बार फिर, आप सभी का अनंत आभार!
अनुज शर्मा एवं समस्त लहर नाट्य मंच टीम, मेरठ।
- प्रस्तुति ग्राफिक डिजाईनर, नताशा वर्मा

