नई दिल्ली, 02 फरवरी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 12 किकेट स्टेडियमों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई क्रिकेट के मैदानों के रखरखाव के लिए भूजल का उपयोग किए जाने पर केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के समक्ष जवाब दाखिल न करने पर की गई। एनजीटी ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के मोहाली स्थित आईएस बिंद्रा स्टेडियम को दूषित जल शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किए बिना मैदान के रखरखाव के लिए 6,00० किलो लीटर प्रति माह भूजल का उपयोग करने के लिए फटकार भी लगाई।
एनजीटी क्रिकेट मैदानों के रखरखाव के लिए एसटीपी से उपचारित जल के बजाय भूजल या ताजे पानी के उपयोग के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में भूजल के भंडारण, निर्वहन और पुनर्स्स्थापनके लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित न करने का मुद्दा भी उठाया गया था।
एनजीटी के अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव व विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने बताया कि गवर्नमेंट फॉर क्रिकेट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 स्टेडियमों या क्रिकेट संघों ने ताजे पानी के उपयोग के संबंध में विवरण देने के न्यायाधिकरण के पूर्व आदेश का पालन नहीं किया है।
इन स्टेडियमों पर कार्रवाई एनजीटी ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम, मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम, इंदौर के होल्कर स्टेडियम, पुणे के एमसीए स्टेडियम, कानपुर के ग्रीन पार्क और लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम पर कार्रवाई की। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, धर्मशाला में हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, कटक के बाराबती स्टेडियम, राजकोट के एससीए स्टेडियम और रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम पर भी जुर्माना लगाया।
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