बेतिया/बिहार, 02 फरवरी। बिहार बोर्ड परीक्षा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में एक मृत शिक्षिका की ड्यूटी लगा दी, जिससे शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय से जुड़ा है, जहां मध्य विद्यालय हिन्दू अनाथालय में पदस्थापित रहीं दिवंगत शिक्षिका निशि की ड्यूटी लगाई गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार के नाम से जारी पत्र में उन्हें कॉलेज में योगदान देने का निर्देश दिया गया है, जबकि शिक्षिका की मृत्यु करीब तीन वर्ष पहले हो चुकी है।
इतना ही नहीं, मृत शिक्षिका के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में अब तक उनका नाम सक्रिय शिक्षिका के रूप में दर्ज है, जो गंभीर प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष भी निशि की मैट्रिक और इंटर परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी। उस दौरान अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण तक मांगा गया था, जो विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग का सिस्टम समय-समय पर अपडेट नहीं होने के कारण इस तरह की गलतियां बार-बार सामने आ रही हैं। कभी मृत कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाता है, तो कभी मूल्यांकन, प्रशिक्षण और अब परीक्षा ड्यूटी तक सौंप दी जाती है। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और विभागीय रिकॉर्ड को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।
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