बागपत, 22 अप्रैल (ता)। बागपत में एक ही दिन में दो सगे भाईयों की मौत ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया। पहले खेत में काम कर रहे छोटे भाई को सांप ने काट लिया, जिससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। ये ख़बर जब बड़े भाई को लगी तो उन्हें भी गहरा सदमा लगा और हार्ट अटैक आ गया जिससे उनकी भी मौत हो गई।
बागपत जिले के बड़ौत के किरठल गांव में गत दिवस शाम करीब 6 बजे एक ही परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरा गांव शोक में डूब गया। खेत में सिंचाई करते समय किसान ओमपाल सिंह (उम्र 72वर्ष) पुत्र टीकाराम को सांप ने डस लिया। वह खेत में पानी लगाने के दौरान अचानक सांप की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें आनन-फानन में बड़ौत के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ओमपाल की मौत की खबर जैसे ही उनके बड़े भाई राजपाल सिंह (उम्र 78वर्ष) तक पहुंची तो वे यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके।
अचानक उनकी भी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। परिजन उन्हें संभाल पाते, इससे पहले ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। एक ही घंटे में दोनों की मौत से परिवार में मातम पसर गया। देर रात दोनों का अंतिम संस्कार एक ही खेत में किया गया।
एक ही दिन में दो भाइयों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गांव में जैसे ही यह दुखद समाचार फैला, लोग बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन हो गया।
मृतक ओमपाल सिंह अपने पीछे चार बेटियां और एक बेटा नीटू छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, बड़े भाई राजपाल सिंह के भी दो बेटे हैं।
दोनों भाई मूल रूप से टीकरी गांव के रहने वाले थे, लेकिन पिछले 20-30 वर्षों से किरठल में रह रहे थे और खेती-किसानी से जुड़े थे। गांव में एक साथ दो चिताएं उठने से हर कोई स्तब्ध रह गया। इस दुखद घटना पर अमित कुमार, पुष्पेंद्र चौहान, सागर, सत्यम, सत्य प्रकाश, देवेंद्र के अलावा सांसद डॉक्टर राजकुमार सांगवान समेत विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लोगों ने शोक जताया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
किरठल गांव में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब सगे भाइयों की अर्थियां एक साथ उठीं और एक ही खेत में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मार्मिक दृश्य को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव वालों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच गहरा प्रेम था। दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे और हर सुख-दुख में साथ रहते थे। यही वजह रही कि उनकी अंतिम विदाई भी साथ-साथ हुई। एक ही स्थान पर दोनों की चिताएं जलती देख गांव के लोग भावुक हो उठे। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा और हर कोई नम आंखों से दोनों भाइयों को अंतिम विदाई देता नजर आया।
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