कोलकाता, 01 अप्रैल (जा)। 600 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उद्योगपति पवन रूइया को गिरफ्तार कर लिया है। गत दिवस न्यू टाउन के एक होटल के सामने से उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 2024 में विधाननगर के इको पार्क थाने में स्वपन कुमार मंडल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।
पुलिस के अनुसार, देशभर में हुई विभिन्न ऑनलाइन ठगी की रकम उद्योगपति पवन कुमार रूइया और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा की गई थी।
जांच के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने प्रारंभिक तौर पर 315 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता लगाया था। इसके बाद नवंबर में बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पवन रूइया और उनके परिवार के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। जांच में यह भी सामने आया कि उनके और उनके परिजनों के नाम पर कई फर्जी कंपनियां (शेल कंपनियां) बनाई गई थीं, जिनके खातों में ठगी की रकम जमा की जाती थी। उस समय जांच एजेंसियों ने उनके आवास पर भी छापेमारी की थी।
पुलिस पवन रूइया को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दिसंबर में हाई कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसमें पासपोर्ट जिला अदालत में जमा करने का निर्देश भी शामिल था।
इस मामले में पवन रूइया के बेटे राघव और बेटी पल्लवी का नाम भी सामने आया है। जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से 1900 से अधिक पीड़ितों ने रूइया परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का दावा है कि ठगी की कुल राशि कम से कम 600 करोड़ रुपये है। जांचकर्ताओं के अनुसार, ठगी की रकम जिन खातों में जमा की जाती थी, उनका संचालन कोलकाता के 46, सैयद आमिर अली एवेन्यू स्थित रूइया सेंटर से किया जाता था।
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