उन्नाव 03 अगस्त। आधुनिक तकनीक और 4200 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा। 20 दिन के अंदर रविवार को पांचवीं बार सड़क धंसने की समस्या सामने आई। इस बार कोरारी खुर्द के पास लखनऊ जाने वाली लेन पर किमी संख्या 64 पर करीब 60 मीटर हिस्से में खराबी आई है। मरम्मत के लिए डेढ़ किमी दायरे में चार फीट गहरी खोदाई की गई है। बड़ी-बड़ी मशीनें और करीब 200 लोग रात में भी काम पर लगे थे। इसके चलते कोरारी टोल प्लाजा से पहले किमी संख्या 66.2 से यातायात उल्टी लेन पर डायवर्ट किया गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी वी कुंडू ने बताया कि मरम्मत चल रही है, जो रात में पूरी हो जाएगी। डायवर्जन सोमवार शाम तक लागू रहेगा।
एनएचएआइ ने उन्नाव से लखनऊ तक 63 किमी लंबे एक्स्प्रेसवे का निर्माण पीएनसी कंपनी से कराया है। इसका 18 किमी भाग एलीवेटेड है और 45 किमी हिस्सा ग्रीनफील्ड रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 13 जुलाई को एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया था। दूसरे दिन सफर भी शुरू हो गया था। कार- जीप का एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये वसूला जा रहा है। सफर की शुरुआत के 13वें दिन यानी 26 जुलाई को उन्नाव के कोरारी क्षेत्र के किमी संख्या 64.4 पर 30 मीटर का पैच धंस गया।
एनएचएआइ ने निर्माणकारी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर-सह- डीजीएम, स्वतंत्र इंजीनियर के टीम लीडर और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटाकर अगले 2 वर्षों तक किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया था। 29 जुलाई को इसी लेन पर कोरारी टोल प्लाजा से एक किमी आगे किमी संख्या 30.7 पर सड़क धंस गई। दूसरे दिन ही यानी 30 जुलाई को बनी टोल प्लाजा से दो किमी पहले उन्नाव से लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क धंस गई और ट्रक पलट गया। अब पांचवी खामी किमी 64 पर आई है।

