लखनऊ 26 मार्च। उत्तर प्रदेश में तेंदुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. बिजनौर समेत तमाम क्षेत्र तेंदुओं के आतंक से बुरी तरह प्रभावित हैं. तेंदुओं के बढ़ते आतंक से अब सरकार भी परेशान है. यही कारण है कि अब वन विभाग उत्तर प्रदेश में तेंदुओं की नसबंदी का प्लान तैयार कर रहा है. महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी में तेंदुओं की नसबंदी का अभियान चलाया जाएगा. हालांकि अभी महाराष्ट्र को सिर्फ पांच तेंदुओं पर नसबंदी का ट्रायल करने की इजाजत दी गई है.
अब यूपी में भी पहले ट्रायल की तैयारी की जा रही है. ट्रायल सफल होने पर बिजनौर जिले के साथ ही प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां तेंदुओं का आतंक है वहां पर नसबंदी अभियान शुरू किया जाएगा. सबसे पहले बिजनौर से यह अभियान शुरू करने की योजना है.
उत्तर प्रदेश में तेंदुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. हर साल लगभग 100 तेंदुए बढ़ रहे हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में इंसानों पर तेंदुओं के हमले बढ़ गए हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने मानव-तेंदुआ संघर्ष को कम करने के लिए इनकी नसबंदी करने का प्लान बनाया है. इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले बिजनौर जिले से होगी, जहां गन्ने के खेतों में तेंदुओं की बढ़ती आबादी बड़ी दिक्कत खड़ी कर रही है.
नसबंदी का मुख्य उद्देश्य इनकी प्रजनन दर को नियंत्रित करना है. वन विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक तेंदुओं को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाएगी और फिर उन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा.
वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि नसबंदी के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. मादा तेंदुओं के लिए ‘इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन’ जिससे उनके प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव किए बिना उन्हें बांझ बनाया जा सकेगा. नसबंदी के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गोंडा और इटावा में लेपर्ड सफारी विकसित करने की भी योजना बना रही है, जिससे पकड़े गए तेंदुओं को वहां रखा जा सके.
भारत में वर्तमान में तेंदुओं की संख्या कुल 13,874 है और इसमें लगातार इजाफा होता ही जा रहा है. उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो वर्तमान में तेंदुओं की संख्या 275 पहुंच गई है, जबकि तीन साल पहले यह संख्या सिर्फ 92 ही थी. तेजी से बढ़ती तेंदुओं की संख्या से मानव और तेंदुओं के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ने लगी हैं.
पिछले साल से लेकर अभी तक तेंदुए के हमले में बिजनौर, बहराइच, लखीमपुर और सीतापुर में दर्जनों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में तेंदुओं के हमले से लोग घायल हुए. ऐसे में अब नसबंदी के जरिए बढ़ती संख्या पर नियंत्रण स्थापित करने का प्लान तैयार है.

