आजमगढ़ 18 मार्च। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 110 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के गैंग लीडर सुल्तान अंसारी समेत 17 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की है। सरगना झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है। ये कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि विवेचना के दौरान गिरोह के तार चीन, दुबई समेत अन्य देशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े पाए गए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की संस्तुति के बाद सोमवार को डीएम द्वारा गैंगचार्ट अनुमोदित किए जाने पर थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
गिरोह लोगों के व्हाट्सएप पर “पीएम किसान योजना (एपीके)” नाम से फर्जी एप या लिंक भेजता था। लिंक डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो जाता था और ठग बैंक खाते, ओटीपी व अन्य निजी जानकारी हासिल कर खातों से रुपये निकाल लेते थे। 18 नवंबर 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्रा बाजार निवासी करन गुप्ता के व्हाट्सएप पर फर्जी एपीके लिंक भेजकर एप इंस्टॉल कराया गया था। इसके बाद उनके खाते से लगभग 7.77 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने 30 नवंबर 2025 को दो तथा 8 दिसंबर 2025 को 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 26 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड, 26,500 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त दो कारें और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद करीब 17.50 लाख रुपये की राशि भी फ्रीज कराई गई थी। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में फैलकर लोगों को फर्जी योजनाओं और निवेश स्कीम के नाम पर लिंक भेजते थे और मोबाइल हैक कर बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
देश के कई राज्यों से जुड़े थे साइबर ठग गिरोह के सदस्य
साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्य देश के कई राज्यों में फैले हुए थे। इस गिरोह में झारखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के आरोपी शामिल हैं। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरोह का सरगना झारखंड के गिरिडीह निवासी सुल्तान अंसारी है, जो पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, शाहजहांपुर, चंदौली, गोरखपुर और दिल्ली के आरोपी भी इस गैंग में शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी परीक्षण किया गया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने कहा कि गिरोह के सभी सदस्यों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन 17 आरोपियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
- गैंग लीडर सुल्तान अंसारी निवासी वेलोनारी, पोस्ट बंडिया बांध, थाना बेंगा बांध, जनपद गिरिडीह (झारखंड)
- परवेज अंसारी निवासी ग्राम बरडीहा लाला, थाना खुखुन्दू, जिला देवरिया, वर्तमान पता प्लॉट नं. 22, स्टार सिटी, उत्तरधौना, थाना बीबीडी, लखनऊ
- मो. कलीम निवासी उत्तरधौना, तिवारीगंज, थाना बीबीडी, लखनऊ
- इमरान अली उर्फ समद निवासी भण्डपुरा, थाना शहजाद नगर, जनपद रामपुर
- अंकित कुमार निवासी स्वरूपनगर स्ट्रीट नं. 16, हाउस नं. 463, थाना स्वरूप नगर, जिला अलीपुर, दिल्ली
- सरफराज निवासी बैजनाथपारा, नूरजहां होटल के पीछे, थाना मोधापारा, जनपद रायपुर (छत्तीसगढ़)
- आदेश सिंह निवासी बी-734 वर्ल्ड बैंक, बर्रा, थाना नौबस्ता, जनपद कानपुर नगर
- अमन प्रताप निषाद निवासी ओबरा चोपन रोड, हाउस नं. 04/11, थाना ओबरा, जनपद सोनभद्र
- अमित सिंह निवासी अवती, थाना नक्सर, जनपद गाजीपुर
- अतुल सिंह चौहान निवासी पकड़िया, थाना निगोही, जनपद शाहजहांपुर
- विनायक मालवीय निवासी सेक्टर 9, ओबरा, थाना ओबरा, जनपद सोनभद्र
- अर्जुन सिंह निवासी 4एफटी 24, सेक्टर 4, ओबरा, थाना ओबरा, जनपद सोनभद्र
- अतुल आनंद निवासी आरआर मेमोरियल हॉस्पिटल के पीछे, आलू मिल, चकिया रोड, मुगलसराय, जनपद चन्दौली
- पंकज पांडेय निवासी शास्त्री कॉलोनी, थाना मुगलसराय, जनपद चन्दौली
- अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया निवासी रिगौली बाजार, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर
- चन्द्रभूषण सिंह निवासी उतरौली, थाना रेवतीपुर, जनपद गाजीपुर
- बृजेश कुमार निवासी जमुनीनार, पोस्ट कोल्हुआ, थाना अधौरा, जनपद कैमूर (भभुआ), बिहार

