नई दिल्ली, 28 फरवरी (भा)। सुप्रीम कोर्ट में गत दिवस एक केस की सुनवाई के दौरान दिलचस्प वाकया सामने आया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत ने केस में अगली तारीख तय करते समय खुली अदालत में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) को लेकर एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की, जो चर्चा का विषय बन गई।
मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने सुनवाई के लिए लिस्टेड था। चीफ जस्टिस की बेंच मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर रही थी और कॉज लिस्ट पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान सीजेआई ने कहा कि इस मामले को होली की छुट्टियों के बाद लिस्ट किया जाए। इसे अगले सप्ताह के बाद रखा जाए।
इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यह टिप्पणी प्रयागराज में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, प्रयागराज समेत आसपास के कई जनपदों में होली के दौरान पारंपरिक रूप से कुछ लोग भांग का भी सेवन करते हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुरेश देवी बनाम हाईकोर्ट ऑफ ज्यूडिकेचर एट इलाहाबाद मामले की सुनवाई चल रही थी।
मजाकिया लहजा, आदेश का हिस्सा नहीं अदालत में यह बातचीत पूरी तरह अनौपचारिक थी। यह किसी जुडिशल ऑर्डर का हिस्सा नहीं थी और न ही इसका मामले के कानूनी मुद्दों से कोई संबंध था। ऐसी हल्की टिप्पणियां कभी-कभी नियमित कार्यवाही के दौरान की जाती हैं। इनका उद्देश्य माहौल को हल्का फुल्का रखना होता है। स्पष्ट है कि इस टिप्पणी का केस की मेरिट या सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुरेश देवी बनाम हाईकोर्ट ऑफ ज्यूडिकेचर एट इलाहाबाद मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसकी अगली सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई तिथि पर होगी।
Trending
- राम मंदिर में हुई चोरी की जांच करेगी एसआईटी, योगी सरकार ने दो हफ्ते में मांगी फाइनल रिपोर्ट
- विदेश मंत्री दें ध्यान! ढाका में भगवान राम की प्रतिमा के निर्माण पर रोक क्यों, खामोश क्यों हैं लोकतंत्र की बात करने वाले
- ढाका में भगवान राम की प्रतिमा के निर्माण पर लगाई रोक
- दर्द के समंदर में डूबे लोगों को बचाये रखता है मोहब्बत का एक धागा नाटक बर्फ का सफल मंचन
- सफलता से संपन्न हुआ ऑल इंडिया मुशायरा, श्रोताओं की तालियों से गूंजता रहा पटेल मंडप, नवाज देवबंदी, वसीम बरेलवी, हरिओम पंवार, पॉपुलर मेरठी आदि की प्रस्तुति पर हुई खूब वाहवाही
- यौन अपराधों की शिकायत में देरी से मामलों को खारिज नहीं किया जा सकता
- एक दो राज्यों को छोड़कर पूरे नॉर्थ-ईस्ट से हटेगा अफस्पा
- सरकारी फंड को शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर 657 करोड़ रुपये का किया गबन

