Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • आगरा में गला काटकर कनस्तर में डाली 8 साल की मासूम की लाश, हत्यारा एनकाउंटर में ढेर
    • झूठे दुष्कर्म आरोप में मजदूर से 1.35 लाख की वसूली के आरोप में थाना प्रभारी निलंबित
    • मैनाठेर कांड : डीआईजी पर हमला मामले में 15 साल बाद 16 आरोपियों को उम्रकैद
    • पीएम मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, कहा- ये नौजवानों के भविष्य को उड़ान देगा
    • विवाहित पुरुष और महिला का लिव इन में रहना अपराध नहीं : हाईकोर्ट
    • पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली, रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी
    • जिम की बढ़ती संख्या अनहोनी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार बनाएं नियम
    • पांच मिनट पहले आ जाते तो, बीमारी नहीं छिपानी चाहिए, डॉक्टर साहब साहब ऐसे शब्दों का उच्चारण परिवारों में शांति के लिए बंद ही कर दीजिए तो अच्छा है
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»यूपी में संपत्ति छिपाने वाले 68 हजार राज्यकर्मियों पर गिरी गाज, रोकी गई सैलरी
    देश

    यूपी में संपत्ति छिपाने वाले 68 हजार राज्यकर्मियों पर गिरी गाज, रोकी गई सैलरी

    adminBy adminFebruary 2, 2026No Comments10 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ 02 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा निर्णय किया है. मानव संपदा पोर्टल पर चल अचल संपत्ति का ब्यौरा अपलोड नहीं करने पर 68 हजार से ज्यादा राज्यकर्मियों का वेतन रोक दिया है. शासन ने साफ कर दिया है कि जब तक संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज नहीं होगा, तब तक सैलरी जारी नहीं होगी. इस कड़ी में लखनऊ डीएम की ओर से आदेश जारी किया गया है.

    लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी की ओर से आदेश में कहा गया है कि मानव संपदा पोर्टल पर राज्य कर्मचारियों को चल अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराना अनिवार्य है. उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 24 के अनुसार प्रदेश के सभी अधिकारियों कर्मचारियों को अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए थे. जिन अधिकारियों कर्मचारियों ने पोर्टल पर अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक अपलोड नहीं किया है, उन्हें जनवरी माह का वेतन नहीं मिलेगा.

    डीएम के अनुसार जनवरी का देय वेतन/बिल कोषागार में प्रस्तुत करते समय मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए विवरण के बाबत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा. इसके बाद ही संबंधित विभाग के नियंत्रक प्राधिकारी/आहरण वितरण अधिकारी वेतन भुगतान किए जाने की कार्रवाई करेंगे. मानव संपदा पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार का एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम है. जिसके माध्यम से कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी, वेतन, संपत्ति विवरण आदि का डिजिटल प्रबंधन किया जाता है.

    बता दें, उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग की तरफ से शासनादेश 24 नवंबर 2025 और दूसरे शासनादेश 6 जनवरी 2026 के तहत उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 24 के अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को अपनी चल/अचल संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए थे.

    DETAILS OF STATE EMPLOYEES ASSETS HUMAN RESOURCES PORTAL lucknow STATE EMPLOYEES SALARIES tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    आगरा में गला काटकर कनस्तर में डाली 8 साल की मासूम की लाश, हत्यारा एनकाउंटर में ढेर

    March 28, 2026

    झूठे दुष्कर्म आरोप में मजदूर से 1.35 लाख की वसूली के आरोप में थाना प्रभारी निलंबित

    March 28, 2026

    मैनाठेर कांड : डीआईजी पर हमला मामले में 15 साल बाद 16 आरोपियों को उम्रकैद

    March 28, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.