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    Home»देश»यूपी में संपत्ति छिपाने वाले 68 हजार राज्यकर्मियों पर गिरी गाज, रोकी गई सैलरी
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    यूपी में संपत्ति छिपाने वाले 68 हजार राज्यकर्मियों पर गिरी गाज, रोकी गई सैलरी

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comFebruary 2, 2026No Comments10 Views
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    लखनऊ 02 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा निर्णय किया है. मानव संपदा पोर्टल पर चल अचल संपत्ति का ब्यौरा अपलोड नहीं करने पर 68 हजार से ज्यादा राज्यकर्मियों का वेतन रोक दिया है. शासन ने साफ कर दिया है कि जब तक संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज नहीं होगा, तब तक सैलरी जारी नहीं होगी. इस कड़ी में लखनऊ डीएम की ओर से आदेश जारी किया गया है.

    लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी की ओर से आदेश में कहा गया है कि मानव संपदा पोर्टल पर राज्य कर्मचारियों को चल अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराना अनिवार्य है. उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 24 के अनुसार प्रदेश के सभी अधिकारियों कर्मचारियों को अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए थे. जिन अधिकारियों कर्मचारियों ने पोर्टल पर अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक अपलोड नहीं किया है, उन्हें जनवरी माह का वेतन नहीं मिलेगा.

    डीएम के अनुसार जनवरी का देय वेतन/बिल कोषागार में प्रस्तुत करते समय मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए विवरण के बाबत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा. इसके बाद ही संबंधित विभाग के नियंत्रक प्राधिकारी/आहरण वितरण अधिकारी वेतन भुगतान किए जाने की कार्रवाई करेंगे. मानव संपदा पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार का एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम है. जिसके माध्यम से कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी, वेतन, संपत्ति विवरण आदि का डिजिटल प्रबंधन किया जाता है.

    बता दें, उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग की तरफ से शासनादेश 24 नवंबर 2025 और दूसरे शासनादेश 6 जनवरी 2026 के तहत उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 24 के अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को अपनी चल/अचल संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए थे.

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