लिव इन रिलेशनशिप और नासमझी के कारण होने वाली परेशानियों और बेटियेां की इज्जत सुरक्षित रहे इसके लिए देश में सेक्स शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती है क्योंकि आए दिन जो घटनाएं हो रही है इन पर रोक लगाने के लिए सामाजिक सुधार और संस्कारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा नई दिल्ली के एकेटीयू के दीक्षांत समारोह में छात्र छात्राओं से काफी खुलकर बात की गई और अपनी सोच में सुधार कर गलत रास्ते पर चलने से पहले निर्णय लेने का संदेश दिया गया वो महत्वपूर्ण है। राजधानी के सिद्धीखेड़ा बालिका गृह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले लड़के लड़कियां भाग जाते हैं और फिर लड़कियां प्रेग्नेट हो जाती है। फिर वह सरकार की जिम्मेदारी बनकर महिला आश्रमों में रखी जाती और बच्चा होने पर वह सरकार की जिम्मेदारी बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह सब सही नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि मेरा बेटा बैंगलोर पढ़ने गया था मैनें कहा कि कोई लड़की पसंद आए तो बताना मैं शादी कर दूंगी। राज्यपाल का संदेश आम आदमी को समाज में उसकी महत्ता और गहराई को देखते हुए ऐसे समाज की संरचना करनी चाहिए जिसमें किसी को शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़े और खुशहाल वैवाहिक जीवन जीया जा सके। मां बाप अपने बेटे बेटी का समझाएं और उन्हें छूट दे कि कोई पसंद है तो बताए व्यवस्थाओं के अनुसार शादी करा दी जाएगी और जाति अमीरी गरीबी की बात को आड़े ना आने दिया जाए। बस इतना देखना होगा कि दोनों सुख से रह सके और आए दिन की कलह ना हो पाए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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