लखनऊ 29 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शिक्षकों को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। अब शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दो दी गई है। इस फैसले से 11.92 लाख से ज्यादा शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले को आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइया सभी लाभांवित होंगे। इस फैसले के क्रियान्वयन में 358.61 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी कैशलेस सुविधा की मंजूरी दे दी गई है। इससे दो लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभांवित होंगे। वहीं, सरकार 89.25 करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से ही किसी सरकारी योजना जैसे आयुष्मान से आच्छादित हैं उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के मुताबिक, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, मान्यता प्राप्त और अंशकालिक विद्यालयों के शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा. राज्य में करीब 4 लाख 34 हजार 226 शिक्षक हैं. जबकि अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों के 13380 शिक्षक हैं. बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को भी इसका फायदा मिलेगा. इसमें 1 लाख 42 हजार 900 शिक्षामित्र, 24,717 अनुदेशकों और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के 7 हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मी भी इसके दायरे में होंगे. प्राइमरी स्कूलों के 93 हजार रसोईये भी इसके दायरे में होंगे. इस योजना पर 358 करोड़ का खर्च आएगा.
बेसिक शिक्षा परिषद के मान्यताप्राप्त अशासकीय स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को वेरिफाई करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी. परिषद के अधीन इन स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालय के इन शिक्षकों का वेरिफिकेशन किया जाएगा.
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों, व्यावसायिक शिक्षा के शिक्षकों, मानदेय शिक्षकों, संस्कृत महाविद्यालयों, माध्यमिक शिक्षा परिषद स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा प्रावधान की गई है. माध्यमिक विद्यालयों के करीब 2 लाख 97 हजार शिक्षकों और कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा.इस पर 59 करोड़ का खर्च आएगा.
बता दें कि कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते साल के पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। विभाग की ओर से इस योजना को आयुष्मान योजना की तरह लागू करने की तैयारी है। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेश है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्ताव पास हो गए। सिर्फ 14वां और 17वां प्रस्ताव ही रोका गया।
यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले
- अमृत योजना 2.0 के तहत गोरखपुर में 721 करोड़ की सीवरेज परियोजना को मंजूरी मिली है.
- वाराणसी नगर निगम के 18 वार्डों में सीवरेज परियोजना के लिए 266 करोड़ रुपये स्वीकृत
- बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी दे दी गई।
- नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल की जाएगी जिससे कि लोग नक्शा जरूर पास करें। विकास शुल्क के संशोधित प्राइस लागू किए जाएंगे।
- बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना होगी।
- मुरादाबाद में भी नक्षत्रशाला और विज्ञान पार्क की स्थापना होगी।
- आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर मंजूरी दी गई। पीड़ितों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा।

