बागपत 27 जनवरी। उत्तर प्रदेश में बागपत के खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में किराए के मकान में रह रहे सिरसली गांव निवासी अनिल कुमार (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में जिंदा जलकर मौत हो गई. अनिल औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक ब्रेड फैक्टरी में नौकरी करता था और पिछले तीन महीनों से गांव में मुस्तकीम के मकान में किराए पर अकेले रहते थे।
शनिवार शाम से मोबाइल पर संपर्क न होने पर रविवार दोपहर करीब एक बजे मुस्तकीम अपने घर पर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे बंद मिले। पड़ोसी के घर से अपने घर पहुंचे तो कमरे में फर्श पर ही अनिल कुमार का जला हुआ शव मिला।
घटना की पुलिस व स्वजन को जानकारी दी गई। सीओ अंशु जैन, कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार, फील्ड यूनिट व फायर बिग्रेड की टीम ने गहनता से जांच की। इसके बाद युवक के शव को कब्जे में लिया गया। घटनास्थल से मोबाइल फोन, बिजली के तार और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आग लगने के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
अनिल के भाई प्रमोद का आरोप है कि अनिल की किसी ने हत्या की है। मोबाइल की बैट्री फटने से हादसा होता तो मोबाइल की लीड जरूर जलती। उसकी किसी से रंजिश नहीं है। उनकी मांग है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर घटना का राजफाश करें।
कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार का कहना है कि अनिल के शव के पास जला हुआ मोबाइल मिला है। प्राथमिक जांच से प्रतीत होता है कि चार्जिंग के समय मोबाइल की बैट्री फटने से सोते हुए अनिल की झुलस जाने से मौत हुई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है.

