बागपत, 16 जनवरी। जेल से रिहा होने के बाद नावेद सलीम ने गोविंद शर्मा उर्फ रोहित शर्मा का नाम लेकर अपने साथी के साथ मिलकर कई युवतियों से रिश्ता कराने के नाम पर ठगी की। आरोपित युवतियों को एयरफोर्स, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, इंजीनियरों से रिश्ता कराने का झांसा देता था। उसने एक करोड़ से अधिक की आनलाइन ठगी की है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपित आठवीं कक्षा और साथी पांचवीं कक्षा पास है। एएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने गत दिवस रिजर्व पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि बड़ौत के एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शादी का झांसा देकर ठगी की शिकायत की थी। साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने नावेद सलीम, जो पंजाबिया कालोनी नगीना, बिजनौर का निवासी है, और भूरा निवासी निजामपुर, थाना नखासा, संभल को गिरफ्तार किया। नावेद ने बताया कि वह समाचार पत्रों में विवाह संबंधी विज्ञापन प्रकाशित कराता था। इच्छुक व्यक्ति संपर्क करते थे, तो वह खुद को गोविंद शर्मा बताकर बिना दहेज के विवाह का वादा करता था। लड़की के स्वजन को भरोसा दिलाने के लिए वह फर्जी दुर्घटना की सूचना देकर 20 से 30 हजार रुपये ट्रांसफर कराता था। इस कार्य में उसका साथी भूरा मदद करता था। आरोपित पिछले आठ वर्षों से ठगी कर रहा था।
बड़ौत के रहने वाले एक व्यक्ति ने साइबर थाने में शिकायत देकर बताया कि एक महीने पहले सरकारी नौकरी करने वाले युवक की शादी के लिए युवती की तलाश का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में एक रुपये का रिश्ता करने की बात लिखी हुई थी। उन्होंने विज्ञापन में लिखे फोन नंबर पर बातचीत की तो युवक पक्ष ने फोटो भेजी और मिलने का समय निर्धारित किया। युवती पक्ष से बीस दिन पहले मिलने आते समय युवक पक्ष के लोगों ने फोन करके बताया कि उनके साथ रास्ते में दुर्घटना हो गई है।
थोड़ी देर बाद पुलिस के आने और दूसरे वाहन चालक को रुपये देकर समझौता करने के लिए 25 हजार रुपयों की जरूरत होने की बात कही गई। वह 25 हजार रुपये युवती पक्ष से ऑनलाइन मंगवा लिए गए। रुपये मिलने पर उन्होंने फोन बंद कर लिया। एएसपी प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास से नावेद निवासी पंजाबिया कॉलोनी नगीना जिला बिजनौर और भूरा निजामपुर नकाशा जिला संभल व हाल निवासी मैनाठेर जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में दोनों ने काफी लोगों से इस तरह ही ठगी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि सभी जातियों के सरकारी नौकरी करने वाले युवा बताकर विज्ञापन निकलवाते थे और फिर फोन आने पर युवती पक्ष को किसी भी युवक का फोटो भेजकर बातचीत शुरू कर लेते थे। मिलने का समय निर्धारित करके रास्ते में हादसा होने की बात कहकर ठगी करके फोन नंबर बंद कर लेते थे। दोनों ने किसी भी युवती पक्ष से एक बार भी मुलाकात नहीं की।
एएसपी प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि आरोपी नावेद आठवीं और भूरा पांचवीं पास है। युवती पक्ष से मिलने जाते समय जब ये लोग हादसे के बारे में बताते थे तो दूसरे फोन का भी प्रयोग करते थे। इस दौरान वॉयस कन्वर्टर चालू कर कभी पुलिसकर्मी बनकर तो कभी अस्पताल का डॉक्टर बनकर युवती पक्ष को अपनी बातों में फंसाकर ठगी करते थे।
यह दोनों वर्ष 2018 से इस तरह से ठगी कर रहे हैं और अभी तक एक हजार से अधिक लोगों से ठगी कर चुके हैं। यह किसी से 25 हजार तो किसी से डेढ़ लाख रुपये तक की ठगी कर लेते थे। इस तरह अभी तक एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी किए जाने की बात कही जा रही है। इन्होंने यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों के लोगों के साथ ठगी की।
एएसपी ने बताया कि आरोपी नावेद काफी शातिर है, उसके खिलाफ हरिद्वार, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, जालौन, पीलीभीत, मथुरा, बिजनौर समेत अन्य जनपदों में 19 मामले दर्ज हैं, जो पिछले सात साल से ठगी कर रहा है। कई साल पहले नावेद हरिद्वार में गिरफ्तार किया गया।
उसमें दो साल एक माह की सजा काटने के बाद जेल से बाहर आया। बाहर आते ही नावेद अपने साथी भूरा के साथ दोबारा से ठगी करने में लग गया। दोनों एक सप्ताह में दो लाख से अधिक रुपयों की ठगी कर रहे थे। दोनों की हिस्ट्रीशीट खुलवाने के लिए उनके जिलों में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
एएसपी प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि नावेद और भूरा फर्जी आधार कार्ड से होटलों में ठहरते थे। गुरुग्राम में नावेद ने खुद को गोविंद शर्मा और भूरा ने खुद को रोहित शर्मा बताकर कमरा लिया। इस दौरान गणपति विसर्जन के कार्यक्रम में चंदा देकर भागीदारी भी निभाई। पुलिसकर्मियों को उनके फोन में गणपति विसर्जन की फोटो और वीडियो भी मिली।
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