प्रयागराज,03 जनवरी। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि शनिवार से शुरू हो रहे माघ मेला के लिये तैयारी पूरी कर ली गयी है। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से पहले मेला प्राधिकरण में आई सौम्या अग्रवाल ने ट्रिपल सी सभागार में पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के साथ प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि माघ मेला के लिए 800 हेक्टेयर में टेंट सिटी बसाई जा चुकी है। ये 2024 के माघ मेला से ज्यादा भव्य है, पिछले मेला से 32 हेक्टेयर ज्यादा एरिया में फैला हुआ है।
इस बार 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है, जबकि 2024 में छह करोड़ लोग माघ मेला आए थे। वर्ष 2025 में महाकुंभ होने की वजह से माघ मेला नहीं लगा था। पहली बार एआई कैमरों से श्रद्धालुओं की निगरानी रखी जाएगी। अध्यात्म के साथ लोगों को यहां नया अनुभव हो, इसके लिए वीआईपी मूवमेंट खत्म कर दिया गया है।
जगह-जगह फाउंटेन बनाए गए हैं, हेलीकाप्टर राइड से लेकर कला ग्राम भी बसाया जा रहा है। स्नान के लिए त्रिवेणी संगम के साथ अरैल घाट और दारागंज घाट पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आठ किमी लंबे अस्थाई घाट तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। पौष शुक्ल एकादशी से माघ मेले में कल्पवासियों का आना शुरू हो गया है।
पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के दिन लगभग 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इस बार कुल 10 प्रमुख स्नान घाट बनाए गए हैं। खास बात यह है कि श्रद्धालुओं को अत्यधिक पैदल नहीं चलना पड़ेगा। पार्किंग स्थल से घाटों तक पहुंचने के लिए रैपिडो जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। माघ मेले में कुल 9 पांटून पुल बनाए गए हैं, जिनके दोनों सिरों पर पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग की गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

