मेरठ 03 अगस्त (प्र)। शास्त्री नगर की पहचान रहे रंगोली मंडप पर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर जमीन पर दिखाई देने लगा। रविवार को भवन में तोड़फोड़ का काम शुरू हो गया। सबसे पहले बिजली की वायरिंग, प्लाईवुड, फेसिंग और अन्य सामान हटाया गया, जिसके बाद भवन के मुख्य हिस्से को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह कार्रवाई शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण और सेटबैक मामले में चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
तोड़फोड़ का ठेका लेने वाले नफीस मलिक ने बताया कि पूरी इमारत हटाई जाएगी। केवल सामने करीब 10 फीट की दीवार छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि आवास एवं विकास परिषद ने एक सप्ताह के भीतर फ्रंट एलिवेशन हटाने और करीब एक महीने में पूरे भवन को मूल प्लॉट की स्थिति में लाने का लक्ष्य दिया है। छत समेत पूरा ढांचा तोड़कर जमीन समतल की जाएगी। आवास एवं विकास परिषद ने 44 सील संपत्तियों के मालिकों को 15 दिन का नोटिस दिया है, जिसकी समय सीमा 10 अगस्त को समाप्त हो रही है। अब केवल एक सप्ताह का समय बचा है। निर्धारित अवधि में यदि संपत्ति स्वामी नक्शे और सेटबैक से बाहर किया गया अवैध निर्माण स्वयं नहीं हटाते हैं तो परिषद बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगी।
नक्शे से बाहर निर्माण हटाएं
आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल सिंह ने कहा कि जिन संपत्तियों में स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। केवल नक्शे और निर्धारित सेटबैक से बाहर किए गए अवैध निर्माण को ही हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 44 सील संपत्तियों के मालिकों को स्वयं अवैध हिस्सा हटाने के लिए 10 अगस्त तक का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा तक कार्रवाई नहीं हुई तो परिषद् स्वयं बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाएगी और इसका पूरा खर्च भी संबंधित संपत्ति स्वामी से वसूला जाएगा।
सेनफोर्ड हॉस्पिटल पर भी चला हथौड़ा
शास्त्री नगर गुरुद्वारा रोड स्थित सेनफोर्ड हॉस्पिटल में सेटबैक से बाहर किए गए निर्माण को हटाने का काम शुरू हो गया है। शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट और सेटबैक प्रकरण में चल रही कार्रवाई के जरिए अस्पताल परिसर में अवैध हिस्से को तोड़ा जा रहा है। आवास एवं विकास परिषद की निगरानी में यह कार्रवाई की जा रही है, जिसमें स्वीकृत नक्शे से बाहर किए गए निर्माण हटाया जा रहा है।

