मुंबई 01 अगस्त। वलीव पुलिस ने वसई के रहने वाले उद्योगपति मोहनसिंह परमार (46) की हत्या की कोशिश के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है। जांचकर्ताओं का कहना है कि उसने परमार को 32 करोड़ रुपये न चुकाने और उनकी कंपनी ‘GSM फॉइल्स’ पर पूरा कब्ज़ा करने के लिए इस हमले की साजिश रची थी। गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश से हुई है। आरोपी सुजीत बलिया का रहने वाला है। वहीं मनोज ठठेरा को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन में महाराष्ट्र पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी शामिल हुई।
मुख्य आरोपी सागर भानुशाली (33) ‘GSM फॉइल्स’ के चेयरमैन हैं, जबकि परमार मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। पुलिस ने बताया कि ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट से भानुशाली को भारी वित्तीय नुकसान हुआ था और उन पर करोड़ों रुपये का कर्ज हो गया था। शुक्रवार को NSE पर ‘GSM फॉइल्स’ के शेयर की कीमत 20% के लोअर सर्किट के साथ 192 रुपये पर बंद हुई।
पुलिस के अनुसार, भानुशाली ने शेयर बाजार में 55 करोड़ रुपये गंवा दिए थे और उस पर कई लोगों का कर्ज था। जिसके बाद उसने एमडी के हत्या की साजिश रची।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 26 जुलाई को वसई के नाइकपाड़ा इलाके में बाइक पर सवार दो हमलावरों ने परमार पर गोली चलाई। गोली परमार के कंधे में लगी। दूसरी गोली चलने से पहले ही पिस्तौल जाम हो जाने के कारण हमलावर भाग गए। 46 वर्षीय परमार की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है, जिनका उपचार चल रहा है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिन्त्रे ने कहा, “सागर भानुशाली ने परमार की हत्या की साजिश इस सोच के साथ रची थी कि इससे वित्तीय देनदारी खत्म हो जाएगी और उसे कंपनी पर अधिक नियंत्रण हासिल करने का मौका मिलेगा।
इसके लिए भानुशाली ने 40 लाख रुपये में सुपारी लेकर हत्या करने वालों को काम पर रखा था और उन्हें 5 लाख रुपये अग्रिम भुगतान कर दिए थे।”
पुलिस की एक विशेष टीम ने मुख्य साजिशकर्ता सागर भानुशाली को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य छह आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया है।
वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल, फाइनेंशियल और फोरेंसिक सबूतों की मदद से जांच जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।

