मेरठ 28 जुलाई (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। एक रूपया एक ईंट का प्रचलन अपने समय में शुरू कर दुनिया के सबसे पहले समाजवादी महाराजा अग्रसेन जी के प्रतिष्ठित और गौरवशाली नाम से बने श्री अग्रसेन सेवा ट्रस्ट के चार पदाधिकारियों रियल स्टेट से संबंधित जेपी अग्रवाल वरिष्ठ भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल शहर के जानेमाने व्यक्तियों में शुमार अश्वनी गुप्ता व राजेश गोयल के द्वारा अपने अपने पदों से दिये गये इस्तीफे के अनेकों कारण हो सकते हैं लेकिन जानकारों के अनुसार यह अहम का मुद्दा ज्यादा बन गया और अब गत सांय को हुई अग्रसेन सेवा ट्रस्ट की बैठक में कोई निर्णय न हो पाने का सीधा सीधा मतलब है कि दोनों में से कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं है। अब तो ट्रस्ट के द्वारा निकलने वाली सवारी के संयोजक पद से भी विनीत शारदा को हटा दिया गया है।
गिरीश बंसल का कहना है कि हमारा ट्रस्ट रजिस्टर है और हर काम नियम से होता है और इससे हटकर कोई काम नहीं होने देंगे। वैसे कई वैश्य समाज के प्रमुख लोगों का मानना है कि यह समाज के हित में एक अच्छी संस्था है इसलिए कुछ लोगों को बैठकर इस गतिरोध को सम्मानजनक रूप से समाप्त कराना चाहिए। यह भी बताया जा रहा है कि जो संपत्ति की डीड हुई है उस पर भी कुछ लोगों को एतराज है क्योंकि चर्चा है कि उसमें शुरू से लेकर अंत तक ऐसी व्यवस्था है गिरीश बंसल और या उनके परिवार का कोई व्यक्ति इस पद पर बना रहेगा। असलियत तो वो ही जानते है जिसने डीड पढ़ी या संविधान। जिस ब्रोसर को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ। इसके बारे में भी दोनों की अपनी अपनी राय है।
इस्तीफा देने वालों के सिपेसालार का कहना है कि ब्रोसर की कॉपी भेजी गई जिस पर लिखा था कोई सुझाव हो तो बता दें। लेकिन गिरीश बंसल ग्रुप का कथन है कि हर काम सहमति से होना चाहिए था। और छपवाने से पहले प्रूफ दिखाना चाहिए था जो नहीं दिखाया गया। वैसे कुछ सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे पास हो गये मगर कुछ का कथन था कि एक बार कोशिश की जाएगी नाराजों को मनाने के लिए मगर क्योंकि इस्तीफा देने वाले चारों ही व्यक्ति सूझबूझ वाले व्यक्ति है और जैसे की देखने को मिला है कि इनके द्वारा हर निर्णय सोच समझकर किया जाता है। आगे क्या होगा यह तो समय ही बतायेगा।

