अयोध्या 25 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर लागू की गई सख्त व्यवस्था में आशिक राहत दी गई है। पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पुराने आई-कार्ड, जिन्हें कुछ दिनों पहले अमान्य कर दिया गया था, अब अंतरिम व्यवस्था के तहत मान्य कर दिए गए हैं। नई पास व्यवस्था लागू होने तक इन्हीं पुराने पहचान पत्रों के आधार पर मंदिर परिसर में अधिकृत कर्मचारियों, इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में बदलाव के बाद चंपत राय के हस्ताक्षर से जारी पहचान पत्रों पर प्रवेश रोक दिया गया था। एलएंडटी, टाटा, इंडिया इंजीनियर्स लिमिटेड, राजकीय निर्माण निगम समेत विभिन्न निर्माण एजेंसियों के इंजीनियरों और कर्मचारियों को प्रवेश द्वार से लौटना पड़ रहा था। इससे बाउंड्री वॉल संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय, विश्राम गृह सहित अन्य निर्माण परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय प्रभावित होने लगा था।
राम मंदिर में पारदर्शी सेवा व्यवस्था की प्रक्रिया तेज
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में विभिन्न सेवा प्रदाताओं के साथ ट्रस्ट पंजीकृत इकरारनामा करा रहा है, ताकि प्रत्येक सेवा की जिम्मेदारी शर्तें और जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित हो सके। सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में संचालित विभिन्न सेवाओं की समीक्षा की जा रही है।
नए सिरे से पूजा-परंपरा का किया जाएगा मंथन
ट्रस्ट की ओर से गठित धार्मिक समिति के गठन के साथ ही राम मंदिर की पूजा पद्धति और धार्मिक परंपराओं के संचालन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। समिति की पहली बैठक जल्द प्रस्तावित है, जिसमें राम मंदिर में वर्षभर होने वाले धार्मिक आयोजनों, पूजा-परंपराओं और वैदिक अनुष्ठानों की समीक्षा के साथ उन्हें अधिक शास्त्रसम्मत, व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

