नई दिल्ली 25 जुलाई। केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के 47 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
सूत्रों ने कहा कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी होगी। ये कर्मी लंबे समय से जांच एजेंसी के रडार पर थे। इन पर क्या आरोप हैं और बर्खास्त अफसरों में कितने आउटसोर्स कर्मी थे यह एनटीए ने स्पष्ट नहीं किया है। मालूम हो कि हाल के समय में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों पर एनटीए लगातार विवादों में रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एनटीए में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है। मंत्रालय का कहना है कि आने वाले दिनों में एजेंसी में सुधार से जुड़े और भी कई कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई एनटीए के संपूर्ण पुनर्गठन की दिशा में एक अहम कदम है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जा सके।
वर्ष 2017 में गठन के बाद से एनटीए अब तक 270 परीक्षाएं करवा चुकी है। इनमें छह करोड़ 60 लाख छात्र शामिल हुए हैं। नीट में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। एनटीए में काम का दारोमदार आउटसोर्स कर्मियों के भरोसे है। एजेंसी में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं जिनमें 24 कार्यरत हैं और 15 पद खाली हैं। 73 लोग संविदा पर रखे गए हैं और 124 कर्मचारी आउटसोर्सिंग से हैं।
अगले एक महीने में एनटीए का पूरा ढांचा बदलने का प्लान
शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो बर्खास्तगी की यह बड़ी कार्रवाई एनटीए ने पूरे प्रशासनिक और कार्यपालक ढांचे को फिर से नए सिरे से तैयार करने का हिस्सा है. पिछले काफी समय से विवादों के घेरे में रहने के बाद अब एजेंसी के पुनर्गठन की समयसीमा तय कर दी गई है. सरकार अगले एक महीने के अंदर एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली, अधिकारियों की जिम्मेदारी और अंदरूनी प्रबंधन को पूरी तरीके से बदल देगी. इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य देश की प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है.
विशेषज्ञों की सिफारिश पर आउटसोर्सिंग नियमों में बदलाव
परीक्षाओं में गड़बड़ी का एक मुख्य कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आउटसोर्सिंग को माना जा रहा था. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी यानी विशेषज्ञों की एक विशेष समिति की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत अब एनटीए द्वारा बाहरी एजेंसियों को काम सौंपने के पूरे ढर्रे को बदल दिया जाएगा. निजी एजेंसियों और वेंडरों के चयन के लिए नए और कड़े नियम बनाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में कभी भी पेपर लीक न हो सके.

