लखनऊ 15 जुलाई। मंगलवार को संजय गांधी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान स्वास्थ्य योजनाओं की पहुंच और पात्रता को लेकर कहा कि यदि किसी परिवार में केवल दो सदस्य हैं तो उन्हें भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना चाहिए। राशन कार्ड में छह सदस्यों की अनिवार्यता जैसी शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा, क्या हम लोगों को जनसंख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं? सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाना होना चाहिए।
(एसजीपीजीआइ) के 30वें दीक्षा समारोह में उन्होंने कहा कि पात्रता की ऐसी शर्तें, जिनसे छोटे परिवार योजना के दायरे से बाहर हो जाएं उन पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। आज जब देश छोटे परिवार और जनसंख्या संतुलन की नीति को बढ़ावा दे रहा है, तब योजनाओं में ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिससे विरोधाभासी संदेश जाए। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि कई जिलों के दौरे के दौरान ऐसी शिकायतों आईं तो मैंने मौके पर ही डीएम को ऐसे पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का निर्देश दिया और फीडबैक भी लिया ।
13 साल की बेटियों को बचाएं, सच्चा प्रेम है तो पढ़ाई पूरी होने तक करें इंतजार
राज्यपाल ने कहा कि मैं कुछ बोलती हूं तो रील बनाकर इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो जाता है, लेकिन मेरे कहने का उद्देश्य गलत नहीं है। 13 साल की उम्र में माहवारी (पीरियड) शुरू होती है। इस उम्र की बेटियों की जांच जरूर होनी चाहिए। देश में सर्विक्स कैंसर तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव का एकमात्र तरीका वैक्सीनेशन है। केंद्र सरकार अब 14 साल की उम्र की बेटियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन करा रहा है।

