Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • एबिक्स के चेयरमैन विकास गर्ग ईडी ने किया गिरफ्तार
    • पहली बार मिलने पर किसी के बारे में अच्छी बुरी राय ना बनाएं
    • आरडब्ल्यूए हो सावधान! लापरवाही के लिए लग सकता है जुर्माना और हो सकती है सजा, आवारा कुत्ते ने बच्ची को घायल किया, 1.05 लाख का जुर्माना लगा
    • सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में सहोदय स्कूल कांप्लेक्स की बैठक सम्पन्न
    • अब ब्लाक प्रमुख भी प्रशासक के रूप में सामान्य रूटीन कार्यों को कराते नजर आएंगे
    • पत्नी की हत्या करने वाले सिपाही ने गोली मारकर की आत्महत्या
    • तेजाब हमला के पीड़ितों को भी मिलेगा दिव्यांगजनों जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ : सुप्रीम कोर्ट
    • राज्यपाल ने कहा, दो सदस्यों वाले परिवार का भी बने आयुष्मान कार्ड
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»आरडब्ल्यूए हो सावधान! लापरवाही के लिए लग सकता है जुर्माना और हो सकती है सजा, आवारा कुत्ते ने बच्ची को घायल किया, 1.05 लाख का जुर्माना लगा
    देश

    आरडब्ल्यूए हो सावधान! लापरवाही के लिए लग सकता है जुर्माना और हो सकती है सजा, आवारा कुत्ते ने बच्ची को घायल किया, 1.05 लाख का जुर्माना लगा

    adminBy adminJuly 15, 2026No Comments7 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बस रही नई नई कॉलोनियों और मोहल्लों में रखरखाव के लिए बनी आरडब्ल्यूए या संस्थान जो हर माह मोटा शुल्क मेंटीनेंस के नाम पर वहां के निवासियों से वसूलती है उन्हें अब संभल जाना चाहिए और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए लापरवाही को तिलांजलि दी जानी चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं करेंगे तो उन पर अपने वादों को पूरा ना करने और घटना होने पर लापरवाही मानते हुए इन पर हो सकता है मोटा जुर्माना। इस बारे में प्राप्त खबर के अनुसार आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए सेक्टर-सोसायटियों में आरडब्ल्यूए (अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन) की सुरक्षा की जिम्मेदारियों को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने दिल्ली एनसीआर के नजरिये से महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
    कुत्तों के हमले में घायल बच्ची के मामले में सुनवाई पूरी होने पर आयोग ने माना कि आरडब्ल्यूए द्वारा निवासियों से रखरखाव शुल्क लिया जाता है। इसलिए उसका कर्तव्य है कि परिसर में आवारा कुत्तों के खतरे को रोक कर लोगों को सुरक्षित माहौल दे।
    नोएडा के सेक्टर-82 अंतर्गत केंद्रीय विहार द्वितीय में बच्ची के साथ हुई घटना में आरडब्ल्यूए ने ऐसा नहीं किया। जो तय सेवा-शर्तों का उल्लंघन है। इसलिए पीड़ित पक्ष को आरडब्ल्यूए 1.5 लाख रुपये मुआवजा देना होगा।
    नोएडा के सेक्टर-82 अंतर्गत केंद्रीय विहार-दो निवासी शिकायत कर्ता आशीष कुमार अग्रवाल ने 16 दिसंबर 2022 में जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। मामले में आरडब्ल्यूए के तत्कालीन अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, सचिव मोहम्मद अजीम खान और कोषाध्यक्ष काशीनाथ राम को आरोपित बनाया था। उन्होंने कहा था कि सोसायटी में वर्ष 2005 से परिवार के साथ रह रहे हैं। 29 जून 2022 की रात करीब 9.20 बजे उनकी चार साल की बेटी शायरा को आरडब्ल्यूए कार्यालय के पीछे बने ग्रीन पार्क में आवारा कुत्तों ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। एक राहगीर ने किसी तरह उसे बचाया था। स्वजन ने यथार्थ अस्पताल में बच्ची का इलाज कराया था।
    घटना के लिए आरडब्ल्यूए और नोएडा प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराते हुए आशीष ने आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सोसायटी में पहले से ही आवारा कुत्तों का आतंक था।
    पूर्व में बच्चों, बुजुर्गों व मेड पर हुए कुत्तों के हमलों की दोनों से लिखित में शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आरडब्ल्यूए ने सोसायटी में न तो कुत्तों के लिए अलग से फीडिंग जोन बनाया और न ही टीकाकरण कराया।
    आयोग के सामने आरडब्ल्यूए ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आता और आवारा कुत्तों का सोसायटी में आना सेवा में कमी नहीं है। नोएडा प्राधिकरण ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पीड़ित की शिकायत उन्होंने आरडब्ल्यूए के जिम्मेदारों को भेज दी थी। निवासियों से रखरखाव शुल्क वही लेते हैं, ऐसे में सोसायटी परिसर में आवारा कुत्तों के खतरे से निपटने की उन्हीं की जिम्मेदारी है।
    दोनों पक्ष को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा की पीठ ने फैसला सुनाया। आदेश में कहा कि आरडब्ल्यूए ही निवासियों से मेंटेनेंस और सुरक्षा शुल्क लेती है, इसलिए वह सेवा प्रदाता है।
    कुत्तों के आतंक को रोकना उसकी जिम्मेदारी थी। आरडब्ल्यूए ने इस कर्तव्य का पालन नहीं किया, जिससे सेवा में कमी साबित होती है। बच्ची के स्वजन को मुआवजा के रूप में 1.05 लाख रुपये 30 दिन के अंदर देने का आदेश दिया। वहीं, नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ मामला खारिज कर दिया, क्योंकि उससे सीधा कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
    इस समाचार से स्पष्ट हो रहा है कि अब कॉलोनी की लिफ्ट खराब होने और लंबे समय तक सही ना कराने या गंदगी और जनसमस्याअेां की ओर से मुंह फेरने वाले आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों पर जुर्माने के साथ साथ पीड़ित अड़ जाए तो जानकारों के अनुसार उन्हें सजा भी हो सकती है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    एबिक्स के चेयरमैन विकास गर्ग ईडी ने किया गिरफ्तार

    July 15, 2026

    पहली बार मिलने पर किसी के बारे में अच्छी बुरी राय ना बनाएं

    July 15, 2026

    सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में सहोदय स्कूल कांप्लेक्स की बैठक सम्पन्न

    July 15, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.