थाना सदर बाजार के क्षेत्र बिल्लेश्वर नाथ मंदिर से पिछले लगभग 150 साल से निकल रही भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा लम्बे विवाद के बाद अब यह तो तय है कि समय से 16 जुलाई को ही निकलेगी। स्मरण रहे कि रथयात्रा को निकालने के लिए गठित समितियों के विवाद के बीच कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश गोयल द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर सेवक दल के माध्यम से रथयात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी साथ ही इसके संदर्भ में सेवक दल द्वारा 2015 व 2018 में दी गयी अनुमति की प्रति भी संलग्न की गयी इस प्रार्थना पत्र पर अनुमति ना दिये जाने के बाद शुरू हुई चर्चाओं से यह स्थिति असमंजस की बनी हुई थी कि यात्रा कैसे निकलेगी क्योंकि बीती 19 मार्च को एसीएम सदर के द्वारा रिसीवर बैठा दिये जाने के बाद गत दिवस थाना सदर बाजार में एक बैठक हुई जिसमें श्री जगन्नाथ ट्रस्ट और श्री जगन्नाथ समिति की ओर से गणेश अग्रवाल, पवन गर्ग विजय गोयल, राजन वर्मा अंकित गुप्ता पूर्व पार्षद अनिल जैन तथा दूसरे पक्ष की ओर से मंदिर के पुजारी पंडित गणेश दत्त शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजीव ठाकुर आदि ने भाग लिया तथा प्रशासन की ओर से मंदिर के रिसीवर तहसीलदार रवि प्रजापति एसपी सिटी विनायक भोसले इंस्पेक्टर सदर बाजार अखिलेश मिश्रा मौजद रहे। बैठक में कहा गया कि जिला प्रशासन के नेतृत्व में रथयात्रा निकाली जायेगी श्री जगन्नाथ ट्रस्ट की ओर से भगवान जगन्नाथ समिति ने सहयोग देने का विश्वास दिलाया तो पंडित गणेश दत्त शर्मा ने साफ कहा कि पिछले वर्षों से उनके पुजारी रथयात्रा पर बैठते थे इस पर अधिकारियों ने कहा कि रथ पर किसी को बैठने की इजाजत नहीं दी जायेगी तो गणेश दत्त शर्मा पक्ष ने कहा कि यदि उनके पुजारी नहीं बैठे तो यात्रा नहीं निकलने दी जायेगी और उन्होंने इसका विरोध किया इस पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि रथयात्रा को लेकर उच्चाधिकारी जो निर्देश देंगे उसके अनुसार यात्रा निकाली जायेगी। मगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा का कहना था कि रथयात्रा प्रशासन के नेतृत्व में ही निकाली जायेगी।
बताते चलें कि 1987 में जब शहर अशांत था तब भी यात्रा पर रोक लगाने का मुद्दा सामने आया था उस समय के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने यात्रा पर रोक लगाने की बात कही जिस पर उस दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा निकलने देने का आग्रह किया था और उस समय के इंस्पेक्टर सदर बाजार एके उपाध्याय ने भी उच्चाधिकारियों को विश्वास दिलाया था कि वह यात्रा कुशल रूप से निकलवा देंगे लेकिन अनुमति नहीं दी गई थी परिणाम स्वरूप सैंकड़ों लोगों ने गिरफ्तारी दी और फिर हजारों भक्तों की उपस्थिति में यात्रा विधिविधान से निकली ऐसी परिस्थितियां अब उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इस संदर्भ में भगवान जगन्नाथ ट्रस्ट की सचिव राशि शर्मा ने दावा किया कि यूपी के मुख्यमंत्री और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजकर यात्रा बिना किसी बाधा के सम्पन्न कराने की मांग की गयी है। धार्मिक आस्था रखने वाले और कई दशक से जगन्नाथ रथयात्रा के दर्शन करते चले आ रहे कितने ही नागरिकों का मानना है कि रथयात्रा बिना किसी विवाद के पूरी आस्था के साथ सम्पन्न हो और उसमें किसी को भी कोई मौका विघ्न डालने का ना मिले और यात्रा भी परम्परागत रूप से निकले इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पूर्व सांसद श्री राजेन्द्र अग्रवाल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महानगर भाजपा अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, पूर्व अध्यक्ष सुरेश राज जैन ऋतुराज, संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता आदि सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख लोग आपसी सहमती से इस यात्रा को संपन्न कराने के लिए आगे आयें क्योंकि यह तो पक्का है कि प्रशासन और पुलिस ने सोच लिया तो होगा वहीं जो वह चाहे मगर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो उसका ध्यान सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले और भगवान जगन्नाथ स्वामी के भक्तों को एकजुट होकर यात्रा को गरिमापूर्ण तरीके सम्पन्न कराया जाये। अब अगर बात पंडित गणेश दत्त शर्मा की भी छोड़ दे तो यह सवाल उठता है कि रथ पर कौन बैठेगा और रथ से जो हमेशा प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया जाता है वह कौन करेगा। तो मुझे लगता है कि किसी निर्वावाद व्यक्ति को रथ पर बैठाया जाये और अगर कुछ तय नहीं होता है तो डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और कैंट विधायक अमित अग्रवाल रथ पर बैठे और प्रसाद का वितरण करें तथा उनके साथ परंपरा बनाये रखने के लिए मंदिर के पुजारी पंडित गणेश दत्त शर्मा या हनुमान मंदि बॉम्बे बाजार के पुजारी नरेन्द्र शर्मा अथवा पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित कैलाश दत्त शर्मा को भी रथ पर बैठने और विधि विधान से पूजा कार्य पूरे कराने के लिए अनुमति दी जाये इसमें कोई बुराई नहीं है और जहां तक बात सक्रिय राजनेता और कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश गोयल आदि की है तो यह पक्का है कि उक्त ऐतिहासिक यात्रा को संपन्न कराने के लिए सभी के साथ सहयोग करेगा इस यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे काली पल्टन मंदिर समिमि के पूर्व अध्यक्ष डा. महेश बंसल, अन्नपूर्णा ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष बृजभूषण गुप्ता तथा बाला जी मंदिर शनिधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर महेन्द्र दास, महामंत्री श्री जयप्रकाश अग्रवाल बिल्डर और क्षेत्र के व्यापार संघ के पदाधिकारी भी सहयोग करने में पीछे नहीं रहेंगे धर्म में विश्वास रखने वाले प्रमुख नागरिकों का मानना है कि भगवान श्री जगन्नाथ जी की यात्रा विधि विधान से निकले रथ पर कौन बैठेगा और कौन नहीं यह फर्क नहीं पड़ता।
जनचर्चाओं पर आधारित प्रस्तुतिः- श्री अंकित बिश्नोई सम्पादक पत्रकार
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