मेरठ, 11 जुलाई (प्र)। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे कर्नल ब्रह्मपाल सिंह सिरोही का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। गत दिवस सूरजकुंड श्मशान घाट पर उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वे बुलंदशहर के गांव लौहलारा के मूल निवासी थे और यहाँ कंकरखेड़ा डिफेंस एन्क्लेव में निवास करते थे।
सेवानिवृत्ति से पूर्व वह श्रीनगर जम्मू- कश्मीर में 15 प्रोवोस्ट यूनिट कॉप्स ऑफ मिलिट्री पुलिस के कमांडिंग ऑफिसर रहे। जाट समाज के वरिष्ठ समाजसेवी गजेंद्र सिंह तायल ने बताया कि इससे पहले उन्होंने 81 आर्मर्ड रेजीमेंट की कमान भी संभाली थी। वर्ष 2005 में वे सेना से सेवानिवृत्त हुए। पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और मेरठ के सैन्य अस्पताल उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम यात्रा में उनके साथ सेवा दे चुके जेसीओ, एनसीओ, पूर्व सैनिक, सेना के अधिकारी, परिजन, रिश्तेदार, पड़ोसी और स्थानीय लोग शामिल हुए। कई पूर्व सैनिक अपने पुराने दिनों की तस्वीरें लेकर पहुंचे। पुत्र कर्नल राजीव सिरोही ने चिता को मुखाग्नि दी। गजेंद्र सिंह तायल ने बताया कि कर्नल सिरोही को थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस), डीजी आर्मर्ड कॉप्स, जीओसी मेरठ सब एरिया, 81, 47 एवं 69 आर्मर्ड रेजीमेंट, 64 कैवलरी, एनडीए कोर्समेंट्स व अन्य सैन्य इकाइयों की ओर से पुष्प चक्र अर्पित किए गए। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त), सेवानिवृत्त आईएएस रघुवेंद्र सिंह सिरोही सहित अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी, सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कर्नल सिरोही अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र कर्नल राजीव सिरोही भारतीय सेना में सेवारत हैं। वर्तमान में अबोहर में 25 पंजाब बटालियन की कमान संभाल रहे हैं। छोटे पुत्र संजीव सिरोही मेरठ में अधिवक्ता हैं। परिवार ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा की तिथि की शीघ्र घोषित की जाएगी।
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