शिक्षा उपलब्ध कराकर बच्चों का भविष्य संवारने में सरकार और अभिभावक प्रयास कर रहे हैँ। उसके बाद भी शिक्षा संस्थानों में कभी श्रेष्ठता प्रमाण पत्र लेने और कभी अन्य कारणों से जो सामने आ रहा है उसे देखते हुए कई अभिभावकों का यह कहनासही लगता है कि आए दिन कॉलेज विवि विदेशी विवि व कॉलेजों से अपने यहां पढ़ाने का अनुबंध कर रही है और इस नाम पर फीस भी बढ़ाई जाती है मुझे लगताहै कि केंद्र सरकार को यह अनिवार्य करना चाहिए कि जिस विदेशी विवि से देशके कॉलेज व विवि अनुबंध कर रहे हैं उन विदेशी विवि की मान्यता और स्टेटस के बारे में प्रमाण पत्र ले और उसके लिए सरकार नियमावली तैयार कराएं। जिसे भरवाकर जमाकराए जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और जिन बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर भेजा जाता है उसकी अनुमति लीजानी चाहिए क्योंकि कोई घटना घटने पर उन्हें वापस लाने में सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अनुबंध में विदेशी विवि से संबंध सारी जानकारी केंद्र सरकार को होनी चाहिए क्योंकि घटना के बाद कॉलेज हाथ खड़े कर देतेहैँ और उन्हें वापस लाने की जिम्मेदारी सरकार पर आ जाती है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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