लखनऊ. राजधानी सहित पूरे प्रदेश में हो रही मानसूनी बारिश की वजह से मौसम में नरमी देखी गई। कई जिलों में बादलों ने जमकर पानी बरसाया। मानसून की सक्रियता के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों की वजह से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके मद्देनजर कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुछ जिलों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो वार्निंग भी जारी की गई है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में मानसूनी सक्रियता के कारण अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। इनमें मेरठ में सबसे अधिक 315 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में 270.1 मिमी और मुजफ्फरनगर शहर में 213.3 मिमी बारिश हुई। वहीं हैदरगढ़ (बाराबंकी) और चुनार (मिर्जापुर) में 160-160 मिमी, मेरठ में 181.3 मिमी और सरधना (मेरठ) में 116 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पश्चिम यूपी में अपेक्षाकृत हुई ज्यादा बारिश
हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में कुल प्रादेशिक वर्षा सामान्य से कम रही है। वर्तमान में वास्तविक वर्षा 140.9 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा का औसत 169.4 मिमी है, जो कि सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य औसत (187.7 मिमी) के मुकाबले केवल 113.5 मिमी बारिश हुई है, जो 40 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। इसके विपरीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून मेहरबान रहा है; वहाँ सामान्य औसत (143.7 मिमी) के मुकाबले 180.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 25 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। वहीं, 12 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

