देर सेही सही आये मानसून ने २४ घंटे में पूरे देश के ज्यादातर के हिस्सों में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया क्योंकि जहां जहा बारिश पड़ी और जहां कम पड़ी वहां बारिश ने तबाही मचायी और नागरिकों के सामने मुश्किले खड़ी हुई कारण बताते है कि जल भरवा न हो और नाले नालियों की सफाई के लिए आये बजट का सही उपयोग ना करने से दिल्ली, बिहार यूपी सहित ९ राज्यों में हाईअलर्ट जारी करना पड़ा नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाईड से १००० यात्री फंसगये रायगढ़ में ३००० एलपीजी सिलेंडर पाताल गंगा में बह गये तथा देश की राजधानी दिल्ली में जलमग्न किस स्थिति में पहुंच गया बताते है कि बारिश ने तोड़े रिकार्ड बीते ५७ साल में सबसे ठंडा रहा इसके चलते यह भी कहा जा रहा है कि ९ दिन में ३४५ मिमी बारिश पड़ी जिसमें १५ साल का रिकॉर्ड तोड़कर रख दिया। अपने शहर को लें तो मेरठ पूरे जिले की बारिश मात्र ५७ घंटों औसतन २२६.४ जो ३१ दिनों में होनी चाहिए लेकिन मात्र तीन दिन के ५७ घंटों में काफी बारिश पड़ चुकी है जिससे सफाई और जल भराव रोकने के जिम्मेदार अफसरों के कारण नागरिकों को कई जगह घरों में बंद रहना पड़ रहा है। कई इतनी बारिश पड़ चुकी है कि आने जाने वाले वाहन बंद हो गये जिन्हें राहगीर खींचकर गंदे पानी में ले जाते दिखाई दिये इस कारण टूटी सड़के और उसमें गढढे ग्रामीण कहावत कोढ़ में खाज का काम कर रहे। कई जगह असुनियोजित विकास और अफसरों की लापरवाही के चलते नागरिकों के सामने समस्या ही समस्या नजर आ रही है प्रदेश में खबर के अनुसार १६ लोगों की जान आफत की बारिश ले चुकी है उत्तराखंड में १९४ सड़कें बंद हुई बिहार में बिजली गिरने से बच्ची की मौत कुल मिलाकर जहां बरसात का पानी नहीं भरा और सड़कों पर गंदगी नहीं रही वहां के नागरिकों के लिए तो यह राहत की बारिश नहीं लेकिन जहां बारिश खूब पड़ी लेकिन सफाई नहीं हुई वहां नागरिक नरक जैसे माहौल में रहने के लिए मजबूर दिखाई दिये कई जिलों में बाढ़ से बचाव के लिए शासन अलर्ट तो हुआ लेकिन समय निकलेने बाद यह प्रयास पूरे नजर नहीं आ रहे कइ्र जगह घरों में सरकारी दफ्तरों सहित बिजली घरों में गंदे पानी की उपस्थिति नजर आयी कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि अगर अफसर समय से प्रयास करते तो जो जलभराव की स्थिति से नागरिकों को दो चार होना पड़ रहा है उससे वह बच सकते थे इसी के चलते आज स्कूल भी बंद रहे। कुछ नागरिकों का कहना था कि अच्छी सड़कें गढ़ढा मुक्ता मार्ग करने में असफल रहे विभागों के अधिकारी भविष्य में ऐसी गलती न करें इस हेतु सकारात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए बताते चलें कि राजस्थान के ६ वर्षीय बच्चे को गुजरात साबूकाठा के परिवार ने हिम्मतनगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां पता चला की उसे चांदीपुरा वायरस हो गया है सीएएचसीडी संक्रमण से बच्चे की मौत हो गयी जो इस बात की ओर इशारा करता है कि अगली बार इससे पूर्व जलनिकासी और सफाई की व्यवस्था नहीं की गयी तो इस मौसम में जो हर वर्ष बीमारियां होती थी इस वर्ष नई बीमारियां भी सामने आ सकती है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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