बिजनौर 10 जुलाई। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर 15 राज्यों के लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। नूरपुर और हीमपुर दीपा थाना पुलिस ने बिजनौर के छह और मुरादाबाद के एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। लोग इस फर्जी वेबसाइट को सरकार की एचएसआरपी वेबसाइट समझकर नंबर प्लेट खरीदने के लिए आवेदन कर रहे थे। इसका शुल्क सरकार के पास न जाकर साइबर ठगों के खातों में जा रहा था। यह वेबसाइट आधिकारिक पोर्टल से मिलती जुलती दिखी । पुलिस इससे जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि कुछ समय से एचएसआरपी के नाम पर ठगी की सूचना मिल रही थी । दारोगा रजत राणा की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। डीजीपी के आपरेशन साइ-वज्र के तहत नूरपुर और हीमपुर दीपा थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर ठगों की तलाश शुरू की गई।
जांच के बाद पुलिस ने नूरपुर के मुहल्ला रामनगर निवासी अनस, गांव फैजपुर निवासी मोहम्मद फैजान, रेहान, अरशद व तुषार शर्मा, स्योहारा के गांव पैंतिया निवासी प्रशांत कुमार और मुरादाबाद के गांव अकबरपुर निवासी मोहित कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने एचएसआरपी के नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई है।
पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दिल्ली, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर समेत देश के 15 राज्यों से नंबर प्लेट बुकिंग करने के नाम पर धोखाधड़ी की 29 शिकायतें मिली हैं। यह एक साल से इस काम को कर रहे थे।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि मास्टरमाइंड तुषार शर्मा और अरशद हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वेबसाइट की जांच करने के बाद ही सरकारी सेवा के लिए आनलाइन भुगतान करना चाहिए। संदिग्ध पोर्टल दिखने पर इसकी शिकायत जरूर दर्ज कराएं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तुषार शर्मा और प्रशांत कुमार के खिलाफ पहले से भी विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनके आपराधिक नेटवर्क और साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। वहीं इस मामले में-देशदीपक सिंह, सीओ चांदपुर गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

