अयोध्या, 10 जुलाई। चढ़ावा प्रकरण में एक और मामला सामने आया है। बुधवार को काम का समय बढ़ने और पगार घटने से खफा 23 गणनाकर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इसके चलते गुरुवार को केवल 13 गणनाकर्मी ही काम पर रहे। बताया जा रहा है कि इससे गणना का काम प्रभावित हो गया है। सामूहिक इस्तीफे के चलते ट्रस्ट, बैंक और कर्मचारियों को मुहैया कराने वाली एजेंसी को बड़ा झटका लगा है, हालांकि इस मुद्दे पर सभी ने चुप्पी साध रखी है।
इस्तीफा देने वाले एक कर्मचारी ने मीडिया को बताया कि मंदिर में चढ़ावा गणना का काम पहले दो शिफ्टों में होता था। प्रकरण सामने आने के बाद कई लोगों को हटाया गया। इसके बाद एहतियातन दो शिफ्टों का काम एक शिफ्ट में कर दिया गया। पहले जहां छह घंटे की ड्यूटी थी, उसे बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया है। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक की शिफ्ट में काम लिया जा रहा था। इतना ही नहीं, पहले जहां उन सभी को 14755 रुपये मासिक पगार मिलती थी, उसे भी घटा दिया गया। यह पगार भी लोगों की अलग-अलग कर दी गई, यानी किसी की आठ तो किसी को ग्यारह हजार रुपये महीना। इसके अलावा महीने में मिलने वाली छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है।
श्रीराम मंदिर चढ़ावा गणना में कथित अनियमितताओं की जांच के दायरे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के वे अफसर-कर्मी भी आ गए हैं, जिन्होंने गणना प्रक्रिया के लिए लागू स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर में कथित तौर पर बदलाव किए।
बता दें कि बैंक की ओर से अब नए कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे, लेकिन इस बार कर्मचारियों की भर्ती वेरिफिकेशन के बाद ही की जाएगी। ऐसे में भर्ती करने में समय लग सकता है, जिस वजह से दान गिनने का काम प्रभावित होगा। दूसरी ओर, बैंक के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इस्तीफा दिया नहीं गया, बल्कि लिया गया है। इन कर्मचारियों को निकाला गया है, क्योंकि अब दाना गिनने के लिए कम कर्मचारी रखे जाएंगे और जो वेरिफाइड हैं, उन्हें रख लिया गया है।

