मेरठ 09 जुलाई (प्र)। कुछ दिनों से कोचिंग सेंटर मेडा के निशाने पर चल रहे थे। अब कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के बाद मेडा अवैध कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण की डेट फिक्स कर रहा है। मेडा सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि कोचिंग सेंटर संचालकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए एक हेल्प डेस्क बनाई जा रही है। मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए उन्हें हेल्पडेस्क का सहयोग मिलेगा। पूरी जानकारी उन्हें दी जाएगी। जिस बिल्डिंग का मानचित्र स्वीकृत होगा, वहां पर कोचिंग सेंटर चलाये जा सकते हैं। इसका भी विवरण दिया जाएगा। हालांकि कोचिंग सेंटर ज्यादातर सील किये जा चुके हैं। अब कोचिंग सेंटरों का मेडा इंजीनियर पीछा छोड़कर अवैध कॉलोनियों का रुख करने वाले हैं। अवैध कॉलोनियों की एक बार फिर से सूची तैयार की जाएगी, जिनमें ध्वस्तीकरण नहीं हुआ है, उनमें ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी मेड़ा में चल रही है।
हालांकि मेडा के इंजीनियरों को सबसे बड़ी परेशानी ये आ रही है कि शहर से करीब एक दर्जन अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वाले अवैध बिल्डर शासन में पहुंच गए है। प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ शासन में वाद दायर किये हैं, जिसके चलते मेडा ने ध्वस्तीकरण से कदम पीछे खींच लिये हैं। जिस बिल्डर ने भी शासन में वाद दायर किया है, वहां सुनवाई पूरी होने तक किसी तरह का ध्वस्तीकरण अवैध कॉलोनी का नहीं हो सकता। सुनवाई यदि एक साल तक चलती है तो फिर अवैध कॉलोनी इतने समय में बनकर तैयार हो जाएगी।
अवैध कॉलोनाइजर के इस कदम से मेड़ा के अधिकारी भी परेशान है। क्योंकि मेडा इंजीनियरों के पास अवैध कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण का ही आखरी हथियार था। अब यदि ध्वस्तीकरण अवैध कॉलोनियों के नहीं होंगे तो मेडा इंजीनियरों को हाथ पर हाथ धरकर बैठना पड़ेगा। जो शासन में नहीं गए है, ऐसी कॉलोनियों को चिन्हित कर उन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। हाइवे पर स्थित ग्रीन पार्क में ध्वस्तीकरण दुकानों का करने के बाद टीम लौट गई थी। इस पर भी ध्वस्तीकरण मेडा कर रहा है।
मोहम्मदपुर लाला गांव से सटकर एक अवैध कॉलोनी बन रही है। इसमें मिट्टी का भराव चल रहा है। वेकेटेश्वरा कॉलेज से आगे एजुकेशन जोन में भी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। हाइवे पर कम से कम दर्जन भर से ज्यादा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। रोहटा रोड पर फ्रंट कोरीडोर से पहले कई अवैध कॉलोनी में काम चल रहा है। उधर, मेडा सचिव का कहना है कि तमाम अवैध कॉलोनियों की सूची बन रही है। अभी कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई चल रही थी। इसके बाद अवैध कॉलोनियों को ही निशाना बना रहे हैं।

