नई दिल्ली 07 जुलाई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी को पेट्रोल बम और आधुनिक हथियारों से दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर काम करने वाले पाकिस्तानी टेररिस्ट शहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर के दो अलग-अलग मॉड्यूल्स का भंडाफोड़ किया है. साथ ही दिल्ली और अमृतसर से पांच आतंकियों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया है.
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा कनेक्शन सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी अली फजल (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जो इस आतंकी नेटवर्क के लिए पाकिस्तानी हथियारों की तस्करी और फंडिंग जुटाने का काम कर रहा था.
फर्स्ट मॉड्यूल का काम राजधानी के बड़े थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर हमला करना, रैंडम फायरिंग करना और दहशत फैलाना था. पकड़े गए आतंकियों के पास से मोलोटॉव कॉकटेल (पेट्रोल बम) और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं. सोमवार की सुबह ही इन्हें बड़ी वारदातों को अंजाम देना था, लेकिन समय रहते दबोच लिए गए.
दूसरा मॉड्यूल (हथियार और ड्रग्स तस्करी) यह ग्रुप सीमा पार (पाकिस्तान) से ड्रोन के जरिए आने वाले अत्याधुनिक हथियारों और नशीले पदार्थों जैसे हेरोइन की खेप को पंजाब के रास्ते, दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खपाने का काम करता था, जिससे आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाया जा सके.
नई दिल्ली के शाहीन बाग निवासी तय्यब (जो पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का मुख्य हैंडलर है) ने अपनी बहन की शादी मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी अली फजल से कराई है. तय्यब ने ही अली फजल को पाकिस्तानी हथियारों की तस्करी के इस काले धंधे में उतारा था.
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर गिराए जाने वाले वेपन्स को अली फजल ही मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद और पूरे एनसीआर के अपराधियों और स्लीपर सेल्स को सप्लाई करता था. अली फजल पहले से ही अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल था. गत वर्ष भी लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने उसे अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जेल से छूटने के बाद वह और बड़े स्तर पर पाकिस्तानी हथियारों की डीलिंग में लग गया.
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का वेस्ट यूपी में काफी गहरा जाल है. इससे पहले यूपी एटीएस (ATS) ने कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कॉलोनी के तुषार चौहान, अंजुम राणा, आजाद राजपूत, सोहेल और गणेश गिरी को हथियार सप्लाई मामले में जेल भेज चुकी है. ये सभी युवक देश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों के वीडियो व तस्वीरें बनाकर पाकिस्तान में बैठे भट्टी और सरफराज डोगरा को भेजते थे.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी तरह से पाकिस्तान समर्थित अंतरराष्ट्रीय टेरर-क्राइम सिंडिकेट था, जिसे सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे और आलीशान जिंदगी का लालच देकर भर्ती किया जा रहा था.
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क के पास से कई संदिग्ध बैंक अकाउंट्स की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल टेरर फंडिंग और हथियारों की खरीद-फरोख्त के पैसों के लिए किया जा रहा था. पकड़े गए आरोपियों में अली फजल, सलमान, दानिश, शान मियां और हुनैन राण से पुलिस पूछताछ कर रही है, ताकि वेस्ट यूपी और दिल्ली-NCR में छिपे इनके अन्य मददगारों और हथियारों के खरीदारों को भी बेनकाब किया जा सके.

