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    Home»देश»पशुओं से होता है रोग भ्रम फैलाने की बजाय किस जानवर से क्या क्या नुकसान हो सकता है यह बताना चाहिए, गोलमोल कथन से तो व्यवस्था ही बिगड़ जाएगी
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    पशुओं से होता है रोग भ्रम फैलाने की बजाय किस जानवर से क्या क्या नुकसान हो सकता है यह बताना चाहिए, गोलमोल कथन से तो व्यवस्था ही बिगड़ जाएगी

    adminBy adminJuly 7, 2026No Comments5 Views
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    देश में पशुपालन आदिकाल से चला आ रहा है। बताते हैँ कि कितने ही परिवारों का रोजगार इनके माध्यम से होता है। पशुपालन को बढ़ावा देने की हर स्तर पर कोशिश होती है और केंद्र व प्रदेश सरकारों ने भी पशुपालन मंत्रालय बनाए हैंं जिसका मतलब है पशुपालन को बढ़ावा देना। ऐसे में विश्व जुनोसिस दिवस के मौके पर यह कहा जाना कि पशुओ से रोग होता है सतर्क रहे। बीते दिवस मेरठ मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग ने विश्व जुनोसिस दिवस के अवसर पर संगोष्ठी हुई जिसमें पशुजन्य रोगों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उददेश्यों से कई डॉक्टर व वैज्ञानिकों ने अपने विचार रखे। इनका कहना था कि जुनेटिक रोग संक्रामक बीमारियां है जो पशुओं से मनुष्य और मनुष्य से पशुओं में संचारित हो सकती है। यह वायरस बैक्टीरिया या फंगस के कारण होते हैँ। देश में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। जीवन यापन में भी अनेक पशुओं का बड़ा योगदान है। इसके लिए यह सार्वजनिक रुप से कहना कि पशुओ से रोग होता है सतर्क रहें। मैं विद्वानों की बात को गलत तो नहीं ठहरा रहा हूं लेकिन पशुओ से रोग होता है सतर्क रहें यह कहने के साथ उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कौन से पशुओं से कौन से रोग हो सकते हेँ। अगर हम जानवरों से दूरी बनाएंगे तो दूध मक्खन दही कहां से मिलेगा और बच्चे स्वस्थ कैसे रहेंगे। विश्व जुनोसिस दिवस के अवसर पर मेरा मानना है कि विद्वानों को भ्रम फैलाने की बजाय स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए जिससे समाज में उपयोगी पशुओं से भी दूरी बनाने की सोच ना उभर सके। इसलिए मेरठ मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में गोष्ठी जैसे आयोजन या तो होने नहीं चाहिए और हो तो स्थिति स्पष्ट की जाए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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