बागपत 07 जुलाई। दिल्ली- देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर बनाए अवैध कट ने हल्की बरसात में पूरे कारिडोर को खतरे में डाल दिया। एनएचएआई का दावा है कि किसानों के कारिडोर को क्षतिग्रस्त करने से ऐसा हुआ है। यहां गहरे- गहरे गड्ढे बन गए। एक गड्ढे ने तो सुरंग का रूप ले लिया है। एनएचएआइ ने पुलिस बल की मौजूदगी में पोकलेन मशीन की मदद से मरम्मत कार्य शुरू कराया है। एनएचएआइ के साइट इंजीनियर अंकित कुमार ने भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी समेत 14 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कारिडोर की मुख्य सड़क पर भी जगह-जगह पैचवर्क किया जा रहा है।
गत पांच जुलाई को हल्की वर्षा के बाद कारिडोर के किनारे गहरे गहरे गड्ढे बन गए। इनके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए तो एनएचएआइ के अफसर हरकत में आए। सोमवार को इंजीनियर मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू हुआ। थोड़ी देर बाद मरम्मत कार्य का विरोध करते हुए स्थानीय लोग पहुंच गए, लेकिन पुलिस और एनएचएआइ कर्मियों के समझाने पर वापस लौट गए।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो दिल्ली- देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर बागपत के गांगनौली गांव के पास का है। वीडियो में कारिडोर का कटा हुआ तटबंध प्रदर्शित किया गया है। यह किसी निर्माण की कमी या संरचनात्मक खराबी की वजह से नहीं है। यह काम स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के किया है। स्थानीय लोग उस जगह पर नया इंटरचेंज बनाने की मांग कर रहे हैं। लगातार स्कावट के कारण एनएचएआइ को उस जगह पर जरूरी ड्रेनेज, ढलान की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के काम पूरे करने की इजाजत नहीं मिली है।
बिना इजाजत बनाए गए इस रास्ते से स्थानीय वाहन कारिडोर में आ-जा रहे हैं। इससे नेशनल हाईवे पर चलने वालों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। कई बार पुलिस-प्रशासन के सामने यह मामला उठाया है और बिना इजाजत बनाए गए रास्ते को बंद करने और तटबंध को ठीक करने के लिए पुलिस की मदद मांगी है। जरूरी कार्रवाई के लिए यह मामला राज्य सरकार तक पहुंचाया गया है। रूट पेट्रोलिंग के जरिए इस जगह पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एनएचएआई, जिला प्रशासन के साथ मिलकर तटबंध को ठीक करने और रुके हुए ड्रेनेज व सुरक्षा के कामों को तुरंत पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बिना किसी रुकावट के काम करने की जगह मिलने पर ट्रैफिक की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

