भुवनेश्वर, 07 जुलाई (ता)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गत दिवस पुरी और कोरापुट के बीच नयी एक्सप्रेस रेल सेवा और दैनिक ब्रह्मपुर-उधना (सूरत) अमृत भारत एक्सप्रेस को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई। इन ट्रेन को पुरी और ब्रह्मपुर स्टेशन से विशेष कार्यक्रमों के दौरान राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना, सांसदों, विधायकों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस स्पेशल की शुरुआत पुरी रेलवे स्टेशन से की गई, जबकि ब्रह्मपुर-उधना (सूरत) स्पेशल की शुरुआत ब्रह्मपुर रेलवे स्टेशन से की गई, जिससे मौजूदा समय में साप्ताह में तीन दिन चलने वाली इस सेवा के दैनिक संचालन की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री माझी ने पुरी में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में इस रेल सेवा की शुरुआत को राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आज पुरी और पूरे ओडिशा के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि श्रीक्षेत्र पुरी से सबर श्रीक्षेत्र कोरापुट के बीच नयी रेल सेवा शुरू हुई है।’’ उन्होंने इस सेवा की शुरुआत के लिए वैष्णव का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुरी रेलवे स्टेशन का 184 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। क्योंझर जिले से आने वाले माझी ने उत्तर ओडिशा से भी इसी तरह की रेल सेवा शुरू करने का अनुरोध किया। इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए रेल मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर ओडिशा को पुरी से जोड़ने वाली नयी रेल सेवा जल्द शुरू की जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि तटीय ओडिशा को राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से दिन के समय जोड़ने वाली रेल सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर से कोरापुट के लिए केवल हीराखंड एक्सप्रेस चलती है और वह भी रात में। इसलिए दिन के समय रेल सेवा की मांग थी। वैष्णव ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में मुझे पत्र लिखा था। भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों को जोड़ने वाली पुरी-कोरापुट रेल सेवा को मंजूरी दी है। रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच वर्षों में ओडिशा के रेलवे क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया था और पिछले दो वर्षों में राज्य में लगभग 97,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू की गई ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ राजमार्ग परियोजना का जिक्र करते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार नयी दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाले चार-लाइन के रेल गलियारों का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि ओडिशा के लगभग 50 रेलवे स्टेशन का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।
ब्रह्मपुर-उधना एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत के अवसर पर वैष्णव ने कहा कि ब्रह्मपुर रेलवे स्टेशन को 300 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ‘सिल्क सिटी’ से सूरत तक दैनिक रेल सेवा शुरू होने के साथ ओडिशा के विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि इससे दक्षिण ओडिशा और विशेषकर गंजाम जिले के लोगों को लाभ मिलेगा। दोनों नेताओं ने पुरी में आगामी रथयात्रा को लेकर भारतीय रेल की तैयारियों की भी समीक्षा की, ताकि त्योहार के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
इस वर्ष रथ यात्रा के लिए रेलवे द्वारा 300 से अधिक विशेष ट्रेन के परिचालन की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र, भोजन की व्यवस्था और अतिरिक्त टिकट काउंटर भी पुरी क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे हैं। दोनों नेताओं ने यात्री सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण किया तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार लाने और रेल परिचालन को अधिक कुशल बनाने के उपायों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस की शुरुआत से पुरी और आदिवासी बहुल कोरापुट के बीच लंबे समय से लंबित प्रत्यक्ष रेल संपर्क की लोगों की आकांक्षा पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन की नियमित समय-सारिणी बाद में अलग से जारी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस रेल सेवा से श्रद्धालुओं, पर्यटकों, छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यावसायिक केंद्रों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, अंगुल, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटलागढ़, केसिंगा, मुनीगुड़ा, रायगढ़ा, काकिरिगुमा और दमनजोड़ी होते हुए चलेगी, जिससे तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन पुरी से सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को तथा कोरापुट से मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा को आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से जोड़ने वाली ब्रह्मपुर-उधना (सूरत) अमृत भारत एक्सप्रेस श्रमिकों, छात्रों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क बन गई है।
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