मेरठ, 04 जुलाई (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। गांवों में प्रसिद्ध कहावत अजब तेरी दुनिया अजब तेरा खेल छछुंदर के सिर में चमेली का तेल आजकल मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा के अवैध निर्माणों और कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे अफसरों पर पूर्ण रूप से लागू होती नजर आ रही है।
बच्चा पार्क के निकट सिटी सेंटर के सामने सरकार की निर्माणनीति के विपरीत बने स्टार प्लाजा में खुले चाणक्य कोचिंग सेंटर पर पहले सील लगाना और उसके बाद खोलना तथा सील के निशानों को मिटाने की कोशिश करना मेडा के संबंधित अफसरों की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में ला रही है।
बताते चलें कि लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सख्त रूख अपनाने हुए प्रदेश भर नियमविरूद्ध खुले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्यवाहीं के दिये गये निर्देशों के उपरांत अन्य जिलों की भांति मेरठ में भी सरकार के निर्णयों और नीति को लागू कराने में अग्रणी प्रयास कराने में लगे डीएम डा0 वीके सिंह द्वारा एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गयी जिसके द्वारा बड़ी मेहनत और सूझबूझ के साथ मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत कार्यवाहीं की जा रही है इसी बीच चाणक्य इंस्ट्टीयूट में सील लगायी गयी और खोली गयी इससे मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अभियान तो कमजोर होगा ही अन्य कोचिंग सेंटर के संचालक भी इसका उदाहरण देकर अपने सील किये गये कोचिंगों को खुलवाने के लिए सक्रिय होंगे इससे इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि कोचिंग सेंटर के संबंध मानकों और उसे नियम के तहत चलाने के सारे कोचिंग दे सकते हैं तो चाणक्य में ही क्या सुरखाब के पर लगे हैं यह चर्चा भी खूब सुनने को मिल रही है कि चाणक्य एकेडमी के पूर्व एसडीएम से संपर्क हैं जो 2012 में मेरठ में रहे और इसके साथ एक अधिकारी का भी जुड़ाव इससे बताया जाता है और इन्हीं के माध्यम से चाणक्य कोचिंग की सील खुलना बताया जाता है।
इस पूरे प्रकरण में नागरिकों का यह कथन सोचने को मजबूर करता है कि जब नियम से सब पर सील लगायी जा रही थी तो फिर चाणक्य कोचिंग सेंटर पर मेहरबानी क्यों क्या नागरिक एक दूसरे से पूछ रहे है कि क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश से ऊपर किसी अफसर की सिफारिश हो सकती है अगर नहीं तो पुनः इस पर सील लगायी जाये क्योंकि लोकतंत्र और नियमों का पालन कराने वाली सरकार के चलते दुल्हन वहीं जो पिया मन भाये जैसे मनमर्जी अफसरों की चलने वाली नहंी है नागरिकों का कहना है कि जिस अफसर ने यह सील खोली और लगाने के बाद भी खोली उसके विरूद्ध भी सख्त कार्यवाही की जाये क्योंकि शासन की नीति से ऊपर किसी का कथन नहीं हो सकता। बताते चले कि स्टार प्लाजा में बेस मेंट भी बना हुआ है और वह भी जमीन से इतना ऊपर नहीं है कि अगर बरसात में सड़क पर पानी भर जाये तो वह उससे बचा रहे।

