लड़के लड़की की शादी से पूर्व माता पिता आखिर उनकी इच्छा की जानकारी कर यह पता क्यों नहीं लगाते कि उनका कोई संबंध तो किसी से नहीं चल रहा। अब वो जमाना नहीं रहा कि माता पिता और रिश्तेदारों ने तय कर दिया और सात फेरे ले लिए। अब जेनजी का जमाना है। युवक युवती जागरुक हो रहे हैं। मगर पता नहीं वो शादी से पहले अगर मर्जी नहीं है तो इनकार क्यों नहीं करते। शादी के बाद ही यह क्यों बताती हैं कि वो किसी और की अमानत हैं। मां बाप भी अपनी इच्छा लादने के चक्कर में उनसे कुछ नहीं पूछते। अगर कहीं पूछते हैं तो अपनी मर्जी के लड़के लड़की से शादी की हट लगाते हैं और खूब पैसा खर्च कर शादी की जाती है। विदा होने के बाद दुल्हन पति और उसके घरवालों को धमकाने में लग जाती है।
जिस प्रकार हाथ की अंगुली एक समान नहीं होती है उसी प्रकार सभी युवक युवती एक जैसे नहीं होते लेकिन नीले ड्रम की घटना ना हो और पहली रात को पति को पत्नी के खौफ का शिकार ना होना पड़े तथा फिल्म हम दिल दे चुके सनम की भांति हापुड़ निवासी युवक की शादी मेरठ की युवती से हुई। सुहागरात को ही दुल्हन ने कहा कि वह किसी और की अमानत है। अगर हाथ लगाया तो हत्या करा देगी। इस सारे प्रकरण के बाद लड़के और उसके परिवार ने अपनी दुल्हन को उसके प्रेमी को सौंपकर जान बचाई क्योंकि लड़की के मां बाप सहयोग को तैयार नहीं थे। दूसरी घटना बिजनौर के गांव खेड़की की सुनने को मिली। प्रेमिका की शादी तय होने पर युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और तीन घंटे के हंगामे के बाद किसी तरह उसे उतारा तो वह अपनी प्रेमिका से शादी की जिद पर अड़ गया। मुझे लगता है कि ऐसी घटनाएं और समाज में दोनों परिवारों की होने वाली बदनामी को अगर अभिभावक थोड़ा समझदारी का परिचय दे और युवक युवती शादी के बाद जो साहस दिखाते हैं अगर पहले दिखाकर अपने माता पिता को समझा दें तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो। बाद में हत्या या आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जैसी बातों से कुछ होने वाला नहीं है। टीवी सीरियल और फिल्मों को देखकर युवा पीढ़ी पर पड़ रहे गलत असर को देखते हुए समाज को इस बात पर मंथन करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो और जेन जी का जमाना है बेटे बेटियों को साफ कह देना चाहिए कि मुझे जीवनभर पसंद के लड़के लड़की के साथ रहना है। दोनों मर्जी से साथ रहेंगे तो परिजनों को परेशान होने का दोष नहीं देंगे। अगर किसी युवक युवती संग परिवार के लोग ज्यादती करते हैं तो उसे रिश्तेदारों से मिलकर अपनी बात बतानी चाहिए। शादी के बाद होने वाले हंगामे से बचने के लिए अच्छा है कि थाने में जाकर अपनी बात कहें। वहां भी विवादों को निपटाने के लिए शादी करा दी जाती है। आश्य है कि हमारे पास बहुत से रास्ते हैँ। तो फिर शादी के बाद घटनाओं से अपनी जिंदगी क्यों बर्बाद करें।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- माननीय मुख्यमंत्री जी ध्यान देें! अवैध रूप से बने बेसमेंट व स्टार प्लाजा में चाणक्य कोचिंग सेंटर पर सील लगाने के 10 मिनट बाद ही क्यों खोली है चर्चा, क्या मुख्यमंत्री के आदेशें से ऊपर हो गयी अफसरों की सिफारिश, प्राधिकरण के अधिकारी आखिर सोच क्या रहे हैं पुनः लगाई जाये
- वार्डन बीमार छात्रा को पीठ पर लादकर पहुंची अस्पताल, आदिवासी इलाकों में सड़क शिक्षा और स्वास्थ्य ?
- अभिभावक दें ध्यान, जबरदस्ती की शादियां करा रही है कांड
- राजभर के मुंह में सिर्फ ‘डॉट-डॉट-डॉट’ : शिवपाल
- मलाइका ने 52 साल की उम्र में दिए मोनोकिनी में दिलकश पोज
- अन्ना हजारे ने स्थगित किया ‘अनशन’
- देह व्यापार गिरोह से दो अभिनेत्री मुक्त कराई गईं
- जाकिर कॉलोनी में अफेयर के शक में सोती हुई बहन की भाई ने गोली मारकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
