ठाकुरद्वारा, 01 जुलाई (ता)। नगर में अपनी ननिहाल में तीन मंजिल मकान की छत पर मोमो खा रही किशोरी पर बंदर ने हमला बोल दिया। किशोरी ने बंदर से बचाव किया तो वह छत से नीचे गिरकर गंभीर घायल हो गई। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है।
नगर के मोहल्ला वार्ड छह लाल बाग निवासी रईस कुरैशी की पुत्री आयत (13) बीती गत दिवस अपनी ननिहाल नगर के वार्ड 25 निवासी मुकीम के घर गई थी। आयत शाम को गर्मी के कारण अपनी मामी और ननिहाल के लोगों के साथ छत पर मोमो खा रही थी। तभी अचानक एक बंदर आया। उसने आयत के हाथ से मोमो को छीनने की कोशिश की तो आयत घबरा गई उसने बंदर से बचने की कोशिश की बचने के प्रयास में वह तीन मंजिल मकान की छत से नीचे गिर गई। परिजन उसे गंभीर हालत में पहले काशीपुर के निजी अस्पताल में ले गए। वहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे मुरादाबाद के अस्पताल में ले जाया गया। आयत के ममेरे भाई शाहिद ने बताया कि मुरादाबाद के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मंगलवार को गमगीन माहौल में आयत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वाह एक मदरसे में पढ़ती थी।
नगर और ग्रामीण क्षेत्र में कुत्तों और बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना कुत्तों और बंदरों के हमले में घायल लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन उन पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभाग गंभीर नहीं है। एक साल में करीब 3000 लोग कुत्तों और बंदरों के हमले में घायल हो जाते हैं। उनका सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाकर इलाज किया जाता है। इसमें सरकार का हर साल लाखों रुपया खर्च होता है। नगर पालिका परिषद ठाकुरद्वारा के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार खरवार का कहना है कि अभी नगर पालिका परिषद के पास बंदरों और कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि बंदर के हमले में किशोरी की मौत होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़ने के संबंध में वह वन विभाग से मालूम करेंगे।
Trending
- दिल्ली हाई कोर्ट में ‘काला हिरण’ विवाद में सलमान खान की याचिका पर सुनवाई
- किडनी कांड में 1000 पन्नों की चार्जशीट, 40 से अधिक गवाह
- जम्मू में अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, जुटे श्रद्धालु
- क्या सिर्फ खाकी पर ही लगे हैं भ्रष्टाचार के दाग
- राम मंदिर ट्रस्ट के दान मामले की जांच कर रही एसआईटी का बढ़ाया कार्यकाल
- घरेलू बाजारों में तेजी ग्लोबल मार्केट्स के सकारात्मक रुख से
- मोदी उठ गए होंगे वह सोते नहीं : ट्रंप
- 2100 तक दुनिया की 38 फीसदी आबादी ही बड़े शहरों में होगी

